कोलकाता में हाई-वोल्टेज ड्रामा: ED की I-PAC पर छापेमारी के बीच खुद पहुंचीं ममता बनर्जी, TMC दस्तावेज ‘चोरी’ का आरोप
कोलकाता में हाई-वोल्टेज ड्रामा: ED की I-PAC पर छापेमारी के बीच खुद पहुंचीं ममता बनर्जी, TMC दस्तावेज ‘चोरी’ का आरोप
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कोलकाता, 8 जनवरी : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीएमसी की चुनावी रणनीति बनाने वाली प्रमुख कंसल्टेंसी फर्म Indian Political Action Committee (I-PAC) के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान सबसे बड़ा ड्रामा तब हुआ जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद छापेमारी वाले स्थान पर पहुंच गईं और कुछ फाइलें व हार्ड डिस्क अपने काफिले में लेकर चली गईं।
ED की टीम सुबह से कोलकाता के साल्ट लेक सेक्टर-5 में I-PAC के ऑफिस (गोदरेज वाटरसाइड बिल्डिंग) और फर्म के कोलकाता प्रमुख प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर पर सर्च ऑपरेशन चला रही थी। यह कार्रवाई कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के सिलसिले में की गई। दिल्ली में भी कुछ संबंधित ठिकानों पर छापे पड़े।खबर मिलते ही ममता बनर्जी प्रतीक जैन के घर पहुंचीं। वहां करीब आधे घंटे रुकने के बाद ग्रीन कलर की कुछ फाइलें, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज अपने काफिले की गाड़ी में रखवाकर बाहर निकलीं। मीडिया से बातचीत में ममता ने ED पर तीखा हमला बोला:”यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ED हमारे IT सेक्टर के ऑफिस में उम्मीदवारों की लिस्ट, पार्टी की रणनीति और संवेदनशील डेटा चुराने आई है।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर BJP बंगाल जीतना चाहती है तो राजनीतिक लड़ाई लड़े, डाकू जैसे व्यवहार न करे।”
इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार TMC के आंतरिक दस्तावेज चोरी करवा रही है।
ED का पक्ष: जांच में बाधा का आरोप
ED सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी शांतिपूर्ण चल रही थी, लेकिन ममता के पहुंचने और पुलिस बल के साथ आने से जांच में बाधा पहुंची। एजेंसी ने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण सबूत (फाइलें और डिवाइस) जबरन ले लिए गए, जो जांच को प्रभावित कर सकता है। ED ने इस मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है और कहा कि सर्च “सबूत आधारित” है, न कि किसी राजनीतिक पार्टी को टारगेट करने के लिए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
TMC: इसे केंद्र की “साजिश” बता रही है। ममता ने कल कोलकाता में प्रदर्शन का ऐलान किया।
BJP: विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता की कार्रवाई को “असंवैधानिक” और “जांच में हस्तक्षेप” बताया। BJP ने इसे “सबूत नष्ट करने की कोशिश” करार दिया।
अन्य दल: कांग्रेस और CPI(M) के कुछ नेताओं ने भी ममता के कदम पर सवाल उठाए।

















