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परसुडीह मारपीट मामले में मानिक मलिक ने आरोपों को बताया गलत, उच्चस्तरीय जांच की मांग

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जमशेदपुर। परसुडीह थाना क्षेत्र में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का मामला अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला महासचिव मानिक मलिक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के जरिए उनकी छवि खराब करने और मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।मानिक मलिक के अनुसार, प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दुकानदार द्वारा पैसे मांगे जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। उनका आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने दुकानदार के साथ गाली-गलौज की और उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें मौके पर बुलाया गया, जिसके बाद वह अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे।उन्होंने दावा किया कि मामले का विरोध करने पर दूसरे पक्ष के 30 से 40 लोग मौके पर पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद स्थानीय लोगों और उनके समर्थकों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई हुई।

मानिक मलिक ने मारपीट के दौरान किसी का सिर फूटने की बात से इनकार किया और कहा कि घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की, ताकि वास्तविक तथ्यों का खुलासा हो सके। गौरतलब है कि इस घटना में दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई थी। मामले में दोनों पक्षों के आरोपों और घटना की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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अश्वनी पाठक

अश्वनी पाठक

रिपोर्टर

अश्वनी पाठक जमशेदपुर निवासी हैं और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने न्यूज मीडिया किरण के माध्यम से पत्रकारिता की शुरुआत की। वाणिज्य में ऑनर्स (बी.कॉम) की शिक्षा पूरी करने के बाद वर्तमान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वे कानून की शिक्षा भी प्राप्त कर रहे हैं।