जिले में मत्स्य पालन को वृहत करने की आवश्यकता : उपायुक्त.
देवघर : भारत सरकार मात्स्यिकी पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के द्वारा प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना को देवघर जिले में लागू करने को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया। इस दौरान जिले में योजना के तहत किन किन कार्यो का निष्पादन किया जाय एवं योजना के सफल क्रियान्वयन के साथ जिले के मछुआरों के आय को दुगनी करने संबंधी विभिन्न बातों पर विस्तृत चर्चा की गयी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!समीक्षा बैठक के क्रम में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना केंद्र एवं राज्य सरकार तथा लाभुकों के बीच अंशदान से संबंधित योजना है जिसके तहत सामान्य कोटि के लाभुक (पुरुष) द्वारा कुल परियोजना लागत का 60 प्रतिशत अंशदान होगा एवं अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लाभुकों के लिए एवं सभी कोटि की महिलाओं के लिए योजना में लाभुक का अंशदान परियोजना लागत का 40 प्रतिशत होगा। शेष राशि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा मिलकर वहन किया जाएगा।
इसके अलावा बैठक के दौरान उपायुक्त ने आवेदन के संदर्भ में जानकारी देते हुए कहा की लाभार्थियों को प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। साथ हीं प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना के तहत विभिन्न योजनाओं का चयन किया जिसके माध्यम जिले में रोजगार सृजन में काफी मदद मिलेगी साथ ही मतस्य उत्पादन में भी वृद्धि होगी। इसके अलावा बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा रंगीन मछली पालन के तहत किये जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को प्रशिक्षित कर इस रोजगार से जोड़ें, ताकि उन्हें सशक्त व आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना के तहत विभिन्न योजनाओं का चयन
इनमें मुख्यत: नये ग्रो-आउट तालाब निर्माण, मध्यम आर०ए०एस० (रिर्सकुलैट्री एक्वाकल्चर सिस्टम) 06 टैंक, छोटे आकार के आर०ए०एस० (रिर्सकुलैट्री एक्वाकल्चर द्य सिस्टम) 01 टेंक, पेन कल्चर, रेफ्रीजरेटेड वाहन, इनसुलेटेड वाहन, दोपहिया वाहन/मोटर साईकिल, आईस बॉक्स के साथ, तीन चक्का वाहन आईस बॉक्स के साथ/ई०-रिक्शा मछली बिक्री के लिए, मध्यम फीश फीड मिल (प्रतिदिन 08 टन उत्पादन क्षमता)
बैठक में उपरोक्त के अलावे उपविकास आयुक्त श्री संजय सिन्हा, डीआरडीए निदेशक, श्रीमती नयनतारा केरकट्टा, वरीय वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र श्री आनन्द तिवारी, एल.डी.एम. श्री आर.पी.एम.सहाय, जिला मतस्य पदाधिकारी श्री प्रशांत कुमार दीपक, परियोजना उप निदेशक आत्मा, देवघर डीडीएम नाबार्ड, मतस्य प्रसार पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।

















