सार्वजनिक स्थानों पर पटाखा छोड़ने की अनुमति नहीं, घरों में भी सशर्त इजाजत.
देवघर, शौरभ सिन्हा.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पाकुड़ : दीपावली व काली पूजा के मद्देनजर राज्य सरकार के दिशा निर्देश पर दीपावली के मौके पर सार्वजनिक स्थानों पर पटाखा छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने बताया कि लोगों को अपने घरों में भी शर्त के साथ पटाखा जलाना होगा। उन्होंने जिलावासियों से सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश का अनुपालन करने का निर्देश दिया। कहा कि
काली पूजा का आयोजन छोटे पंडाल अथवा अपने घर या मंदिरों में किया जा सकता है।
काली पूजा पंडाल या मंडप को चारों तरफ से घेर कर पूजा करना है, ताकि किसी की भी एंट्री नहीं हो सके। काली पूजा के पंडाल में सिर्फ 15 लोग ही अंदर जा सकेंगे। मास्क एवं छह फीट की दूरी बनाते हुए लोग बैरिकेटिंग के बाहर से ही दर्शन कर सकेंगे। छह फीट की दूरी को लेकर स्पेशल मार्किंग पंडालों में पूजा आयोजकों द्वारा किए जाएंगे। पूजा पंडाल के आसपास किसी तरह की कोई लाइटिंग, साज सज्जा नहीं होगी। किसी तरह का कोई स्वागत द्वार नहीं लगेगा।
आगे कहा कि माइक सिस्टम सुबह 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक 55 डेसीबल से ज्यादा नहीं बजाना है और सिर्फ आरती और मंत्र पढ़ते वक्त ही माइक सिस्टम लगाना है। किसी तरह का कोई मेले का आयोजन नहीं होगा। किसी तरह का कोई फूड स्टाल नहीं लगाया जाएगा। किसी तरह का विसर्जन का जुलूस नहीं निकलेगा। विसर्जन जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर ही किया जाएगा। किसी तरह का कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा। प्रसाद आदि के वितरण पर रोक रहेगी। आमंत्रण पत्र बांटने पर पाबंदी रहेगी, किसी तरह का सार्वजनिक आयोजन करने पर भी रोक रहेगी। पंडालों का किसी तरह का कोई उद्घाटन कार्यक्रम नहीं होगा।
















