रसोइया संयोजिका संघ का जोरदार प्रदर्शन: स्थायीकरण और वेतन की मांग को लेकर निकाला जुलूस, डीसी-विधायक को सौंपा ज्ञापन
शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा: स्थायीकरण (permanent regularization) और मानदेय की जगह सम्मानजनक वेतन की मांग को लेकर आंदोलनरत झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका संघ ने बुधवार को जोरदार जुलूस निकाला। सैकड़ों रसोइया-संयोजिकाओं ने अल्बर्ट एक्का स्टेडियम से शुरू कर समाहरणालय (DC office) तक मार्च किया और वहां अपना मांग पत्र जमा किया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान उन पर काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे संघ में आक्रोश बढ़ गया है। प्रदेश महासचिव की अगुवाई में निकले इस जुलूस में महिलाओं ने हाथों में बैनर और नारे लगाते हुए अपनी मांगें रखीं।
जुलूस समाहरणालय पहुंचने पर उपायुक्त (डीसी) को मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें जल्द से जल्द स्थायीकरण, न्यूनतम वेतन (कई रिपोर्टों में दैनिक 66.66 रुपये की कम मजदूरी पर रोष व्यक्त किया गया है) और अन्य सुविधाओं की मांग की गई। साथ ही, सिमडेगा विधायक को भी ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री और सरकार का ध्यान आकृष्ट करने की अपील की गई।
जिला अध्यक्ष संध्या देवी ने कहा, “पिछले कई महीनों से हम हड़ताल पर हैं। मुख्यमंत्री स्तर पर भी ध्यान आकृष्ट कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सरकार की वादाखिलाफी से हम मजबूर हैं। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।”
यह आंदोलन झारखंड के कई जिलों में चल रही रसोइया-संयोजिका संघ की व्यापक हड़ताल का हिस्सा है, जहां मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को महज 66-100 रुपये दैनिक मानदेय मिल रहा है, जबकि महंगाई के दौर में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। संघ की मुख्य मांगों में सेवा स्थायीकरण, नियमित वेतन, बकाया भुगतान और बेहतर सुविधाएं शामिल हैं।

















