पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर भाजपा ने लिया आत्मनिर्भर भारत का संकल्प

रांची : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज पूरे झारखंड में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती धूमधाम से मनाई। प्रदेश के सभी जिलों में गोष्ठियों का आयोजन किया गया, जिसमें पंडित दीनदयाल जी के व्यक्तित्व, कृतित्व, एकात्म मानव दर्शन और अंत्योदय की विचारधारा पर चर्चा हुई। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को दोहराया।

राजधानी रांची में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान विधायक सीपी सिंह, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, जिला अध्यक्ष वरुण साहू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का विचार भारत की मिट्टी से जुड़ा है। वे एक कुशल दूरदृष्टा, विचारक और चिंतक थे। उन्होंने भारत के विभाजन के बाद तुष्टीकरण की राजनीति को समाप्त करने के लिए भारतीय जनसंघ के रूप में देश को नई राजनीतिक दिशा दी। श्री मरांडी ने कहा कि पंडित जी ने राष्ट्रवाद और समरस भारत के लिए अंत्योदय की महत्ता पर बल दिया। उनका मानना था कि बिना अंतिम पायदान के व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा में शामिल किए, भारत को विकसित नहीं बनाया जा सकता।

उन्होंने एकात्म मानव दर्शन के माध्यम से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को मजबूती प्रदान की। श्री मरांडी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार पंडित दीनदयाल जी के विचारों को धरातल पर उतार रही है। गरीब कल्याण योजनाओं के कारण देश भर में 25 करोड़ परिवार गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत की सनातन संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत का गौरव न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी बढ़ रहा है।

प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने पंडित दीनदयाल जी को नमन करते हुए कहा कि वे एक प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और विचारक थे, जिन्होंने देश सेवा में अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने कहा कि पंडित जी के विचारों से प्रेरित होकर आज देश के करोड़ों कार्यकर्ता आत्मनिर्भर, विकसित और स्वाभिमानी भारत के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर आयोजित गोष्ठियों में कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया।

















