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जिन पाकिस्तानी नागरिकों ने नहीं छोड़ा भारत, उन पर क्या होगा एक्शन, जानिए सजा का प्रावधान

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के सभी वीजा (मेडिकल वीजा को छोड़कर) रद्द कर दिए हैं। भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने को कहा था। वहीं मेडिकल वीजा के मामले में 29 अप्रैल तक का समय दिया गया था।

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पाकिस्तानी नागरिक भारत सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा 27 अप्रैल या मेडिकल वीजा के मामले में 29 अप्रैल तक भारत नहीं छोड़ता, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

गिरफ्तारी और मुकदमा: 

ऐसे पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया जा सकता है और उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है।

जुर्माना और जेल:

वीजा अवधि से अधिक समय तक रहने, वीजा शर्तों का उल्लंघन करने, या प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश करने पर 3 साल तक की जेल, 3 लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों सजा हो सकती है।

निर्वासन (डीपोर्टेशन):

सामान्य परिस्थितियों में, सरकार संदिग्ध गतिविधियों में शामिल न होने वाले नागरिकों को मानवीय आधार पर निर्वासित कर सकती है। हालांकि, संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

विशेष परिस्थितियां:

कुछ मामलों, जैसे सीमा हैदर जैसे व्यक्तियों, जो अवैध रूप से भारत में प्रवेश किए और जिनका मामला अदालत में विचाराधीन है, उनपर यह आदेश सीधे लागू नहीं हो सकता। उनके मामले में फैसला अदालत के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।

विशेष छूट: 

जिन पाकिस्तानी हिंदुओं को लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) जारी किया गया है, उन्हें भारत छोड़ने की आवश्यकता नहीं है, जैसा कि विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है।

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