पहलगाम आतंकी हमले की जांच के लिए पाकिस्तान तैयार, भारत के एक्शन से घबराए शहबाज शरीफ
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक बयान सामने आया है, उन्होंने कहा कि उनका देश पहलगाम आतंकी हमले की “निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद जांच” में सहयोग करने को तैयार है। बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल थे। हमले की जिम्मेदारी द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, जिसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-ताइबा का एक हिस्सा माना जाता है, हालांकि TRF ने बाद में अपनी संलिप्तता से इनकार कर दिया है।

रांची के कई बड़े इलाकों में बिजली गुल, बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोग परेशान
रांची में आज सुबह 8 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से गर्मी के कारण लोगों को काफी…

पहलगाम हमले की आंच झारखंड तक ATS पहुंची धनबाद, तीन को लिया हिरासत में
धनबाद : जम्मू कश्मीर में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर झारखंड के धनबाद में भी जांच शुरू हो गयी है। पहलगाम घटना…

पाकिस्तान अफसर का “सर तन से जुदा वाला इशारा” पहलगाम के बाद फिर नया कारनामा
पाकिस्तान अफसर का "सर तन से जुदा वाला इशारा" पहलगाम के बाद फिर नया कारनामा लंदन में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर पहलगाम…
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने पहले हमले को मानने से इनकार किया और भारत पर ही आरोप लगाए, इसलिए उनके बयानों को गंभीरता से लेना मुश्किल है। बता दें कि आतंकी हमले को भारत ने “सीमा पार आतंकवाद” से जोड़ा और जवाबी कार्रवाई में इंदुस वाटर ट्रीटी को निलंबित करने, अटारी-वाघा सीमा बंद करने और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने जैसे कदम उठाए हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) हमले की जांच कर रही है और अनंतनाग पुलिस ने तीन संदिग्धों के स्केच जारी किए हैं, जिनमें दो पाकिस्तानी नागरिक, हाशिम मूसा और अली भाई, और एक स्थानीय, अब्दुल हुसैन ठोकर शामिल हैं। जांच में पांच से छह आतंकियों की संलिप्तता का संदेह है, जिनमें से तीन पाकिस्तानी हैं।
पाकिस्तान के इस जांच प्रस्ताव को भारत में संदेह की नजर से देखा जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान ने शुरू में हमले को “फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन” करार दिया था। भारत का मानना है कि यह हमला पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूहों द्वारा किया गया, और इसीलिए उसने कड़े कूटनीतिक और सुरक्षा कदम उठाए हैं।


















