एनआईए की बड़ी कार्रवाई: 10 लाख का इनामी खालिस्तानी आतंकी कश्मीर सिंह गिरफ्तार, 9 साल पहले नाभा जेल से था फरार

एनआईए की बड़ी कार्रवाई: 10 लाख का इनामी खालिस्तानी आतंकी कश्मीर सिंह गिरफ्तार, 9 साल पहले नाभा जेल से था फरार

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 10 लाख रुपये के इनामी खालिस्तानी आतंकी कश्मीर सिंह गलवड्डी उर्फ बलवीर सिंह को गिरफ्तार किया है। यह आतंकी 2016 में पंजाब के नाभा जेल से फरार हो गया था और तब से फरारी काट रहा था। एनआईए ने बिहार के मोतिहारी में स्थानीय पुलिस के सहयोग से रविवार को इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

कश्मीर सिंह पर खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ), बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) जैसे प्रतिबंधित संगठनों के साथ मिलकर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने का आरोप है। वह 2022 में दर्ज एक आतंकी साजिश मामले में वांछित था और दिल्ली की एक विशेष एनआईए अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए 10 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

नाभा जेल ब्रेक का मुख्य आरोपी

कश्मीर सिंह 27 नवंबर 2016 को नाभा जेल से पांच अन्य अपराधियों के साथ फरार हुआ था। इस सनसनीखेज जेल ब्रेक में पुलिस की वर्दी में आए हथियारबंद हमलावरों ने जेल के सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर इन कैदियों को भगा दिया था। इस घटना में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के प्रमुख हरमिंदर सिंह मिंटू के साथ कश्मीर सिंह ने भी भागने में सफलता पाई थी। जेल से फरार होने के बाद, कश्मीर सिंह ने विदेशी खालिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा के साथ मिलकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना जारी रखा।

नेपाल में सक्रिय था आतंकी नेटवर्क

एनआईए के अनुसार, कश्मीर सिंह नेपाल में रिंदा के आतंकी नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। वह भारत में आतंकी हमले करने वाले खालिस्तानी आतंकियों को शरण, लॉजिस्टिक सपोर्ट और फंडिंग प्रदान करता था। मई 2022 में पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय, मोहाली पर हुए रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले में भी उसकी भूमिका सामने आई थी। जांच में पता चला कि वह आतंकी संगठनों और संगठित अपराधी गिरोहों के बीच हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की तस्करी में भी शामिल था।

एनआईए की जांच और कार्रवाई

एनआईए ने अगस्त 2022 में खालिस्तानी आतंकी संगठनों की गतिविधियों की जांच के लिए स्वत: संज्ञान लेते हुए यह मामला दर्ज किया था। जांच में आतंकी समूहों और अपराधी गिरोहों के बीच गठजोड़ का खुलासा हुआ, जो सीमा पार से हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी में शामिल थे। कश्मीर सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे और उसकी गिरफ्तारी के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा था।

एनआईए ने इस मामले में पहले ही नौ आरोपियों, जिसमें रिंदा और लखबीर सिंह उर्फ लांदा शामिल हैं, के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। अगस्त 2024 में लांदा के भाई तरसेम सिंह को यूएई से प्रत्यर्पित किया गया था। कश्मीर सिंह की गिरफ्तारी को जांच में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क को कमजोर करने में मदद करेगा।

एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि कश्मीर सिंह गलवड्डी की गिरफ्तारी से खालिस्तानी आतंकी संगठनों के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूती मिली है। हम आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को और दृढ़ करेंगे। यह गिरफ्तारी भारत में आतंकवाद के खिलाफ चल रही व्यापक कार्रवाइयों का हिस्सा है, और एनआईए की यह सफलता देश की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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