पशुपति पारस जल्द महागठबंधन में होंगे शामिल, तेजस्वी यादव का बड़ा बयान
बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस जल्द ही महागठबंधन में शामिल होंगे। यह बयान तेजस्वी ने रामविलास पासवान की 79वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक समारोह में दिया, जिसमें महागठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!तेजस्वी यादव ने कहा, “पारस जी का उद्देश्य बिहार में एनडीए को हराना है, और हमारा भी यही लक्ष्य है। जाहिर है, हम एक मंच पर साथ काम करेंगे।” इस बयान से साफ है कि पशुपति पारस की पार्टी RLJP आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के साथ गठजोड़ कर सकती है।
पारस ने एनडीए से तोड़ा नाता
पशुपति पारस ने हाल ही में स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारा एनडीए से नाता खत्म हो चुका है। हम महागठबंधन के साथ मिलकर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।” पारस ने यह भी आरोप लगाया कि एनडीए और केंद्र सरकार बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर दलित और गरीब मतदाताओं के अधिकारों को दबाने की कोशिश कर रही है, जिसके खिलाफ उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी।
रामविलास पासवान की जयंती पर सियासी हलचल
पटना के कौटिल्य नगर में RLJP द्वारा आयोजित रामविलास पासवान की जयंती समारोह में तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के कई बड़े नेता शामिल हुए। इस मौके पर तेजस्वी ने केंद्र सरकार से रामविलास पासवान को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग भी की। समारोह में RJD के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल, राज्यसभा सांसद संजय यादव, और अन्य प्रमुख नेताओं की मौजूदगी ने इस गठजोड़ की संभावनाओं को और बल दिया।
सीट बंटवारे पर जल्द होगी बात
सूत्रों के मुताबिक, पशुपति पारस और तेजस्वी यादव के बीच जल्द ही एक बैठक होगी, जिसमें सीट बंटवारे और गठबंधन की रणनीति पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। पारस ने कहा, “हम बिना किसी शर्त के महागठबंधन के साथ गठजोड़ करेंगे। बिहार के हित में यह जरूरी है।” हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि RLJP को महागठबंधन में कितनी सीटें मिलेंगी।
महागठबंधन को मिलेगी मजबूती
पशुपति पारस की RLJP के महागठबंधन में शामिल होने से गठबंधन को बिहार में खासकर दलित और पासवान समुदाय के बीच मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह कदम एनडीए, खासकर चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के लिए चुनौती पैदा कर सकता है, जो पहले से ही एनडीए का हिस्सा है।
लालू यादव का भी समर्थन
RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी पशुपति पारस को महागठबंधन में शामिल करने की सहमति दी है। लालू और पारस के बीच पुराने रिश्तों का हवाला देते हुए पारस ने कहा, “मेरे और लालू जी के बीच 1977 से रिश्ता है। हमारा एकमात्र लक्ष्य बिहार में सत्ता परिवर्तन है।”
आगामी रणनीति पर नजर
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन और एनडीए के बीच सियासी जंग तेज हो गई है। पशुपति पारस के इस कदम से महागठबंधन को नई ताकत मिल सकती है, लेकिन सीट बंटवारे और गठबंधन की रणनीति पर सहमति बनाना अभी भी एक चुनौती होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गठजोड़ बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव ला सकता है।

















