पटना: तेज प्रताप यादव को भी सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, राबड़ी देवी के बाद बेटे पर कार्रवाई
पटना : बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद सरकारी आवासों की सफाई अभियान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पहले ही उनका पुराना मुख्यमंत्री आवास (1, डाकबंगला रोड वाला 10 सर्कुलर रोड बंगला) खाली करने का आदेश जारी हो चुका है, अब उनके बड़े बेटे और पूर्व पर्यावरण-वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तेज प्रताप यादव को भी पटना में स्थित उनका सरकारी बंगला खाली करने को कहा गया है।
भवन निर्माण विभाग के सूत्रों के अनुसार, तेज प्रताप यादव को आवंटित 4, डाकबंगला रोड (पूर्व में मंत्री कॉलोनी) वाला बंगला अब उन्हें खाली करना होगा। यह बंगला उन्हें राजद सरकार में मंत्री रहते हुए आवंटित किया गया था। सत्ता परिवर्तन के बाद गठित नई सरकार ने सभी पूर्व मंत्रियों-नेताओं से अतिरिक्त सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इससे पहले मंगलवार को राबड़ी देवी को भी नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर बंगला खाली करने को कहा गया था। अब तेज प्रताप को भी इसी तरह का नोटिस भेजा गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ये बंगले अब नए मंत्रियों और वर्तमान विधायकों को आवंटित किए जाएंगे।
राजद खेमे में इस कार्रवाई को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया जा रहा है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “ये लोग सिर्फ यादव परिवार को निशाना बना रहे हैं। पहले लालू जी के रेलवे वाले बंगले पर बुलडोजर चला, अब राबड़ी जी और तेज प्रताप के बंगले खाली करा रहे हैं।”
वहीं सरकार की ओर से साफ कहा गया है कि यह कोई व्यक्तिगत कार्रवाई नहीं, बल्कि नियमों के तहत सभी पूर्व मंत्रियों-नेताओं से अतिरिक्त बंगले खाली कराए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में कई और बड़े नेताओं को भी ऐसे नोटिस मिलने की संभावना है।
फिलहाल बंगला खाली करने के नोटिस के मामले में तेज प्रताप यादव ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

















