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नगर निकाय चुनाव के बीच जमशेदपुर में आतंकी खतरे की आशंका: इंटरपोल के इनपुट पर हाई अलर्ट, स्लीपर सेल की सक्रियता की सूचना

नगर निकाय चुनाव के बीच जमशेदपुर में आतंकी खतरे की आशंका: इंटरपोल के इनपुट पर हाई अलर्ट, स्लीपर सेल की सक्रियता की सूचना

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जमशेदपुर,  – झारखंड में नगर निकाय चुनाव के लिए चुनाव प्रचार चरम पर है । स्कूटनी हो चुकी है आज नाम वापसी का आखरी दिन है इसी बीच औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में संभावित आतंकी हमले की आशंका ने पुलिस के होश फाख्ता कर दिए है ।  सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इंटरपोल से प्राप्त खुफिया इनपुट के आधार पर शहर में एक दर्जन से अधिक स्लीपर सेल (sleeper cells) के सक्रिय होने की सूचना मिली है, जिसके बाद जिला प्रशासन, झारखंड पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह इनपुट हाल ही में प्राप्त हुआ है, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क और आतंकी प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्तियों की संभावित मौजूदगी का जिक्र है। प्रमुख संदिग्ध के रूप में सैयद मोहम्मद अर्शियान (Syed Mohammad Arshiyan) का नाम सामने आया है, जो जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र के आजादनगर का निवासी है। उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया हुआ है।

अर्शियान पर अल-कायदा या आईएसआईएस जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े होने का आरोप है और वह कई वर्षों से फरार है। एनआईए, एटीएस और दिल्ली पुलिस ने पहले भी उसकी तलाश की थी।शहर की रणनीतिक महत्वता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। टाटा स्टील, टाटा मोटर्स जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयों, टाटानगर रेलवे जंक्शन, प्रमुख बाजारों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है और एसएसपी सहित वरीय अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। आईबी और अन्य एजेंसियां भी संवेदनशील इलाकों में सक्रिय हैं।जमशेदपुर पश्चिम विधायक सरयू राय ने इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, “पूर्व में भी शहर से अंतरराष्ट्रीय अपराध और आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोग पकड़े जा चुके हैं। अगर खुफिया एजेंसियां एक दर्जन से अधिक स्लीपर सेल की बात कर रही हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। जिला प्रशासन को अपनी खुफिया टीम को तुरंत सक्रिय कर संदिग्धों को जल्द गिरफ्तार करना चाहिए।”

वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने भी पूर्व में अल-कायदा से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि बड़े उद्योगों और रेलवे स्टेशन की मौजूदगी के कारण पुलिस को अपना खुफिया तंत्र और मजबूत करना होगा, ताकि किसी भी आतंकी घटना को अंजाम न दिया जा सके।प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर ज्यादा विवरण साझा नहीं किया है, लेकिन नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों से बचें।

 

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