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नेमरा में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार की तैयारियां जोरों पर, अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग नेमरा गांव पहुंच रहे हैं

रांची/रामगढ़ : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार मंगलवार, 5 अगस्त को उनके पैतृक गांव रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा में होगा। 81 वर्षीय शिबू सोरेन के निधन की खबर से पूरे झारखंड में शोक की लहर है, और उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग नेमरा गांव पहुंच रहे हैं।

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शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर सोमवार देर शाम विशेष विमान से दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल से रांची लाया गया। मंगलवार सुबह 10 बजे उनके पार्थिव शरीर को झारखंड विधानसभा परिसर में रखा जाएगा, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से नेमरा ले जाया जाएगा, जहां बड़का नाला के पास पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार दोपहर 2 बजे होगा। उनके छोटे बेटे बसंत सोरेन मुखाग्नि देंगे।

झारखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन ने अंतिम संस्कार को गरिमामय और ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। नेमरा गांव में श्मशान घाट पर व्यवस्था की जा रही है, और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। लाखों की संख्या में झामुमो कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग दिशोम गुरु को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचने की उम्मीद है।

शिबू सोरेन का नेमरा गांव से गहरा नाता रहा। उनके निधन की खबर से गांव में सन्नाटा पसरा है, और कई घरों में चूल्हे नहीं जले। ग्रामीणों का कहना है कि शिबू सोरेन ने नेमरा को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनके पिता सोबरन सोरेन की 1957 में हत्या के बाद यहीं से उनके आंदोलन की शुरुआत हुई थी।

शिबू सोरेन का राजनीतिक और सामाजिक योगदान झारखंड और देश के लिए अविस्मरणीय रहेगा। उनके निधन से झारखंड ने एक मार्गदर्शक और आदिवासी समाज ने अपनी मजबूत आवाज खो दी है।

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