खदान शुरू होने से पहले रोजगार, शिक्षा और अस्पताल की सुविधा मिले : ग्रामीण
केके पंचायत में आयोजित लोक सुनवाई में ग्रामीणों ने उठाईं विकास और बुनियादी सुविधाओं की मांगें, जिला प्रशासन व सीसीएल प्रबंधन के अधिकारी रहे मौजूद
रामगढ़ जिले के सीसीएल बरका-सयाल प्रक्षेत्र अंतर्गत केके पंचायत में प्रस्तावित कोयला खदान को चालू करने से पहले लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने खनन परियोजना से जुड़ी समस्याओं, संभावित प्रभावों और क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी मांगें प्रमुखता से रखीं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि खदान शुरू होने से पहले क्षेत्र में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। लोक सुनवाई में जिला प्रशासन, सीसीएल प्रबंधन और विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि कोयला खनन से क्षेत्र के पर्यावरण, जनजीवन और स्थानीय लोगों के भविष्य पर व्यापक असर पड़ सकता है। ऐसे में परियोजना शुरू करने से पहले प्रभावित परिवारों के हितों और जरूरतों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

रोजगार और शिक्षा को लेकर ग्रामीणों ने उठाई आवाज
ग्रामीणों ने मांग की कि खदान चालू होने से पहले स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाएं। उनका कहना था कि खनन परियोजना से क्षेत्र की जमीन और संसाधनों का उपयोग होगा, इसलिए यहां के लोगों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। इसके साथ ही ग्रामीणों ने क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था विकसित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि स्थानीय परिवारों को पढ़ाई के लिए दूसरे क्षेत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़े।

अस्पताल और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था हो
लोक सुनवाई में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने क्षेत्र में बेहतर अस्पताल और चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि खनन गतिविधियों के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में समय पर इलाज और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
इसके अलावा ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की। उनका कहना था कि खदान शुरू होने से पहले इन सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को विकास का वास्तविक लाभ मिल सके।
अब मांगों पर कार्रवाई का इंतजार
ग्रामीणों ने अधिकारियों से आग्रह किया कि खनन परियोजना को केवल कोयला उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि स्थानीय लोगों के विकास, अधिकारों और भविष्य को भी प्राथमिकता दी जाए। लोक सुनवाई के दौरान उठाई गई मांगों के बाद अब ग्रामीणों की नजर सीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। लोगों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर ठोस पहल की जाएगी।

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