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राहुल गांधी के ‘मैच फिक्सिंग’ वाले बयान से सियासी तूफान, बीजेपी और चुनाव आयोग का जोरदार पलटवार

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में ‘मैच फिक्सिंग’ के आरोप ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। राहुल गांधी ने एक लेख में दावा किया कि महाराष्ट्र चुनाव में धांधली हुई और जनादेश की अनदेखी की गई, जिसे उन्होंने “लोकतंत्र के लिए जहर” करार दिया। इस बयान पर बीजेपी और चुनाव आयोग ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिससे सियासी विवाद और गहरा गया है।

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राहुल गांधी ने अपने लेख ‘महाराष्ट्र में मैच फिक्सिंग’ में आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई और परिणाम पहले से तय थे। उन्होंने कहा, “चुनावों में मैच फिक्सिंग किसी भी लोकतंत्र के लिए जहर की तरह है।” इस बयान को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन्होंने जनता से सवाल उठाने की अपील की। कांग्रेस का दावा है कि यह मुद्दा पूरे देश में चिंता का विषय बन गया है।

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के आरोपों को “हास्यास्पद” और “हैरान करने वाला” बताया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी हार की निराशा में लोकतांत्रिक संस्थानों पर बेबुनियाद हमले कर रहे हैं। कांग्रेस की यह पुरानी रणनीति है कि हार के बाद झूठा नैरेटिव बनाया जाए।” नड्डा ने आगे कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने के बजाय भ्रम फैलाने की आदत है।

चुनाव आयोग ने भी राहुल के दावों को खारिज करते हुए इसे “निराधार” और “कानून के शासन का अपमान” बताया। आयोग के सूत्रों ने कहा, “गलत सूचना फैलाना न केवल चुनावी प्रक्रिया को बदनाम करता है, बल्कि लाखों चुनाव कर्मचारियों का मनोबल भी तोड़ता है जो पारदर्शी तरीके से काम करते हैं।” आयोग ने 24 दिसंबर 2024 को कांग्रेस को दिए जवाब का हवाला देते हुए कहा कि सभी तथ्य पहले ही स्पष्ट किए जा चुके हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने बिहार में अपनी हार स्वीकार कर ली है, लेकिन महाराष्ट्र में भी वही राग अलाप रहे हैं। जब तक वे तथ्यों को नहीं समझेंगे और झूठ बोलना बंद नहीं करेंगे, कांग्रेस जीत नहीं सकती।

इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता राहुल गांधी के समर्थन में उतरे हैं, जबकि बीजेपी ने इसे हार की हताशा करार दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, खासकर बिहार चुनाव से पहले, जहां राहुल के बयान का असर देखने को मिल सकता है।

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