रामरेखा धाम विकास समिति की आम बैठक: धर्म, संस्कृति और सेवा कार्यों पर जोर

रामरेखा धाम विकास समिति की आम बैठक: धर्म, संस्कृति और सेवा कार्यों पर जोर

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शंभू कुमार सिंह

सिमडेगा: रामरेखा धाम विकास समिति की आम बैठक रामरेखा धाम के सभागार में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत ब्रह्मलीन बाबा 1008 रामानुज जयराम प्रपन्नाचार्य जी के पूजन और रामधुन के साथ हुई। इस अवसर पर रामरेखा धाम के विकास, धर्म और संस्कृति को बचाने, सेवा कार्यों के विस्तार सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने भी धाम के विकास के लिए अपने सुझाव साझा किए।

बैठक को संबोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष परम पूज्य श्री अखंड दास जी महाराज ने कहा, “रामरेखा धाम न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह हमारे धर्म, संस्कृति और मूल्यों का प्रतीक भी है।” उन्होंने समाज में बढ़ती अव्यवस्था, पश्चिमी प्रभाव और नैतिक पतन पर चिंता जताते हुए बच्चों को बचपन से धार्मिक शिक्षा और अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता पर बल दिया। बाबा ने जात-पात, भेदभाव और आपसी वैमनस्य को समाप्त कर एकजुट होकर सेवा कार्य में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर घर में भजन-कीर्तन और सत्संग की परंपरा को पुनर्जनम देना होगा, ताकि नई पीढ़ी अपने मूल से जुड़ी रहे।

बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए :  

* धाम में खेती-बाड़ी को पहले की तरह संचालित करने और इसके लिए जिम्मेदारी सौंपी गई।

* गौ सेवा कार्य को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदारियां तय की गईं।

* पिथरा के मंदिर परिसर में शाखा समिति की देखरेख में विद्यालय संचालित करने का निर्णय लिया गया।

* हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रामरेखा धाम में रथ यात्रा को धूमधाम से मनाने का फैसला हुआ।

* सर्वसम्मति से कोचेडेगा में ब्रह्मलीन 1008 जयराम प्रपन्नाचार्य जी के नाम पर बने श्री रामरेखा बाबा चौक पर श्रमदान और अंशदान से स्मृति चिन्ह बनाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में रामरेखा धाम के पदाधिकारी, सदस्य, हिंदू धर्म रक्षा समिति के पदाधिकारी, पूजा समिति के सदस्य और गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

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