चार श्रम संहिता के विरोध में खदान कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध
राहुल सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रामगढ़ : संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को भुरकुंडा क्षेत्र स्थित बालकुदरा खुली खदान में खदान कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर केंद्र सरकार की चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पप्पू सिंह ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में खदान कर्मियों ने भाग लिया और सरकार के फैसले के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन के दौरान पप्पू सिंह ने कहा कि कोरोना काल में जब अधिकांश उद्योग-धंधे बंद थे, उस समय Coal India Limited के अंतर्गत खदानों का संचालन जारी रहा और मजदूरों ने लगातार कोयला उत्पादन कर देश के बिजली घरों तक आपूर्ति सुनिश्चित की। ऐसे में आज उन्हीं श्रमिकों के हितों की अनदेखी की जा रही है, जो चिंता का विषय है।
कर्मियों का कहना है कि चारों श्रम संहिताओं के लागू होने से मजदूरों के अधिकारों में कटौती, नौकरी की असुरक्षा और कार्य परिस्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से इन श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल कर्मियों ने एकजुटता दिखाते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सभा में मुख्य रूप से उपस्थित लोग: पप्पू सिंह, रमाकांत दुबे, अशोक गुप्ता, राजेश भगत, भोला खरवार, मनोज कुमार, प्रदीप राम, अजीत कुमार, गणेश बेदिया, नाकू सिंह, संतोष मुंडा, राजकुमार कर्माली, बबलू हांसदा, मुकेश बेलिया, मनीष मुर्मू, शंभू हांसदा, रमेश हांसदा, राजकुमार हांसदा, मुकेश मुर्मू एवं रामदेव मुंडा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

















