RANCHI ED OFFICE

RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले में ED की बड़ी कार्रवाई, चार राज्यों में 4 ठिकानों पर छापेमारी

रांची। राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। ED की दिल्ली जोनल टीम ने दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में कुल चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया है।

जांच एजेंसी की यह कार्रवाई मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेन-देन के एंगल की जांच के तहत की जा रही है। ED की टीमें संदिग्धों और उनसे जुड़े परिसरों में दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। एजेंसी का फोकस कथित फंडिंग, पैसों के स्रोत और लेन-देन की कड़ियों को खंगालने पर है।

Advertisment
Advertisment

NIA की जांच के बाद ED की एंट्री

रांची RSS कार्यालय पर हुए हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। NIA की आधिकारिक वेबसाइट पर यह मामला RC-01/2026/NIA/RNC के रूप में दर्ज है और केस का शीर्षक रांची में RSS कार्यालय परिसर की ओर अज्ञात लोगों द्वारा बम फेंके जाने से संबंधित है।

इससे पहले NIA ने मामले में अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। सितंबर में पटना में भी NIA ने दो फ्लैटों की तलाशी ली थी। रिपोर्टों के अनुसार जांच एजेंसी आरोपियों को कथित तौर पर शरण, वाहन और वित्तीय मदद उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।

Advertisment
Advertisment

जून में हुआ था RSS कार्यालय पर हमला

रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर 16 जून 2026 की रात पेट्रोल बम फेंके जाने की घटना सामने आई थी। रिपोर्टों के मुताबिक दो बम परिसर की ओर फेंके गए थे। एक इमारत की छत पर गिरा और आग लगी, जबकि दूसरा प्रवेश द्वार के पास गिरा। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी।

घटना के बाद स्थानीय पुलिस की जांच के साथ मामला आगे बढ़ा और बाद में NIA ने इसकी जांच अपने हाथ में ली। अब ED की कार्रवाई के बाद जांच का वित्तीय पहलू भी सामने आया है।

RKDF
advertisement

चार राज्यों में इसलिए महत्वपूर्ण है ED का एक्शन

ED की मौजूदा कार्रवाई का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि हमले से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क में पैसे का लेन-देन किस तरह हुआ, धन का स्रोत क्या था और क्या किसी तरह की अवैध फंडिंग हुई। हालांकि, तलाशी पूरी होने और एजेंसी की ओर से आधिकारिक जानकारी जारी होने तक बरामदगी अथवा किसी व्यक्ति की भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

Update — अभी जारी है।

ABOUT THE AUTHOR
आकाश सिंह

आकाश सिंह

वरिष्ठ संवाददाता

आकाश सिंह - पिछले करीब 18 वर्षों से राजनीतिक और क्राइम बीट पर सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। इस दौरान जमीनी रिपोर्टिंग, चुनाव कवरेज, प्रशासनिक मुद्दों और संवेदनशील मामलों पर गहराई से काम किया है। साथ ही, पिछले लगभग 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी अनुभव रखते हैं, जहां न्यूज स्क्रिप्ट लेखन, वीडियो कंटेंट निर्माण, वॉइसओवर और सोशल मीडिया के लिए प्रभावी कंटेंट तैयार किया है