सरयू राय ने यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए विनियमन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को बताया स्वागतयोग्य
सरयू राय ने यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए विनियमन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को स्वागतयोग्य कदम करार दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की इस टिप्पणी ने उनकी पूर्व में व्यक्त की गई प्रतिक्रिया को पूरी तरह सही साबित कर दिया है। सरयू राय का मानना है कि यह विनियमन वापस लिया जाना चाहिए, क्योंकि यह उच्च शिक्षा में समानता बढ़ाने के बजाय असमानता को बढ़ावा दे सकता है।
उनकी पिछली टिप्पणी में उन्होंने यूजीसी के इस विनियम को “नख-दंत विहीन”, “अनावश्यक भ्रम फैलाने वाला”, “हड़बड़ी में बना” और “असमानता बढ़ाने वाला” बताया था। उन्होंने कहा था कि इसके प्रस्तावना एवं उद्देश्य के साथ प्रावधानों का तालमेल नहीं है, और बेहतर होगा कि यूजीसी इसे वापस ले ले।
29 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने UGC के ‘Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026’ पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। कोर्ट ने इसे अस्पष्ट, दुरुपयोग की आशंका वाला और समाज में विभाजन पैदा करने वाला बताया। अदालत ने कहा कि अगले आदेश तक 2012 के पुराने UGC नियम लागू रहेंगे। यह फैसला कई याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें नए नियमों को जातिगत भेदभाव रोकने के नाम पर भेदभावपूर्ण बताया गया था।

















