बाबूलाल मरांडी पर राकेश सिन्हा का तीखा पलटवार: "मन-मस्तिष्क का दबाव कम करें, कृष का गाना सुनें"

बाबूलाल मरांडी पर राकेश सिन्हा का तीखा पलटवार: “मन-मस्तिष्क का दबाव कम करें, कृष का गाना सुनें”

रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव एवं मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने विपक्ष के नेता babulal  मरांडी के हालिया बयानों पर करारा पलटवार किया है। सिन्हा ने तंज कसते हुए कहा कि बाबूलाल जी अपने मन-मस्तिष्क का दबाव कम करें और कृष का गाना सुनें।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

राजेश सिन्हा ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के शासनकाल में रोपे गए बीजों को भाजपा के अन्य मुख्यमंत्रियों ने संरक्षित कर वटवृक्ष का रूप दिया, जिसका परिणाम यह है कि राज्य 17 साल तक बर्बादी के कगार पर पहुंच गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मरांडी के समय स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी खराब थी कि राज्य के बच्चे बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ देते थे। एक बच्ची संतोषी ‘भात-भात’ कहते हुए भूख से मर गई, जबकि दो हजार स्कूल बंद हो गए। सिन्हा ने पूछा, “उस वक्त आदिवासी बच्चों की पढ़ाई की चिंता आपको क्यों नहीं सताई?”

राकेश सिन्हा ने आगे कहा कि एक अपराधी के एनकाउंटर पर सड़क पर उतरने वाले बाबूलाल जी बताएं कि राज्य के व्यवसायी कैसे सुरक्षित महसूस कर पाएंगे। उन्होंने तंज कसा कि गठबंधन सरकार में आदिवासी बच्चे सरकारी मदद से विदेश पढ़ने जा रहे हैं, लेकिन अगर अवैध घुसपैठियों से जमीन छिनने का खतरा है तो घुसपैठियों को घुसाने वाले आपके ही गृह मंत्री हैं। इसका मतलब गृह मंत्री नाकाबिल हैं, उनसे इस्तीफा मांगिए।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now