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बोकारो विधायक श्वेता सिंह पर गंभीर आरोप: दो पैन कार्ड, चार वोटर आईडी और BSL क्वार्टर मामले में जांच की मांग, BJP का एक शिष्टमंडल ने झारखंड के CEO से मिला ।

बोकारो विधायक श्वेता सिंह पर गंभीर आरोप: दो पैन कार्ड, चार वोटर आईडी और BSL क्वार्टर मामले में जांच की मांग

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रांची : नवीन कुमार
रांची, 21 मई : बोकारो विधानसभा क्षेत्र (36-बोकारो) की कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक शिष्टमंडल ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को शिकायत सौंपकर विधायक के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान श्वेता सिंह ने अपने नामांकन पत्र में गलत जानकारी दी। आरोप है कि उन्होंने बोकारो स्टील लिमिटेड (BSL) द्वारा 10-12 वर्ष पहले आवंटित क्वार्टर की जानकारी और उसका No Dues Certificate शपथ पत्र में शामिल नहीं किया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इस क्वार्टर का किराया और बिजली बिल मिलाकर ₹45,000 से अधिक का बकाया है।
इसके अलावा, श्वेता सिंह पर दो पैन कार्ड और चार वोटर आईडी रखने का आरोप है। पैन कार्ड में एक में उनका नाम SHWETA SINGH और दूसरे में SHWETTAA SINGH दर्ज है, जिसमें अलग-अलग पिता और पति के नाम अंकित हैं। वोटर आईडी के विवरण निम्नलिखित हैं:
EPIC No. GPV2611846 – बोकारो
EPIC No. GPV9912379 – बोकारो
EPIC No. ZUU1677376 – झाझा, बिहार
EPIC No. OKP027096 – बोकारो
इन आरोपों को गंभीर बताते हुए शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 का उल्लंघन है।
BJP की मांग 
BJP के शिष्टमंडल, जिसमें राज्यसभा सांसद आदित्य साहू, पूर्व विधायक बिरंची नारायण और अन्य शामिल थे, ने 17 मई 2025 को राज्यपाल से मुलाकात कर श्वेता सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बोकारो उपायुक्त विजया नारायण राव ने मामले की प्रारंभिक जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंप दी है।
पिछले विवाद
श्वेता सिंह हाल ही में अन्य विवादों में भी घिरी रही हैं। अप्रैल 2025 में, डुमरी विधायक जयराम महतो ने उनके और उनके समर्थकों पर हमले का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की थी। इसके अलावा, उन्हें कर्फ्यू उल्लंघन के लिए हिरासत में भी लिया गया था।
हालांकि इस शिकायत में मांग की गई है कि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के तहत मामले की निष्पक्ष जांच हो और श्वेता सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द की जाए। साथ ही, आधार कार्ड में संभावित छेड़छाड़ की भी जांच की मांग उठ रही है।

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