राहुल गांधी को हरियाणा CEO का नोटिस: मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोप पर 10 दिन में मांगे सबूत

राहुल गांधी को हरियाणा CEO का नोटिस: मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोप पर 10 दिन में मांगे सबूत

Share
Link copied

चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में नोटिस जारी किया है। CEO ने राहुल गांधी से उनके दावों को साबित करने के लिए 10 दिन के भीतर हस्ताक्षरित शपथ पत्र के साथ विस्तृत सबूत जमा करने को कहा है। यह नोटिस 7 अगस्त 2025 को राहुल गांधी द्वारा की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आया है, जिसमें उन्होंने हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में मतदाता सूची में गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया था।

हरियाणा CEO ने अपने पत्र में कहा कि मतदाता सूची जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और निर्वाचक पंजीकरण नियम 1960 के तहत पारदर्शी तरीके से तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि दूसरा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) 2024 की मसौदा मतदाता सूची अगस्त 2024 में और अंतिम सूची सितंबर 2024 में कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई थी। इसके बावजूद, कांग्रेस की ओर से न तो जिला मजिस्ट्रेट के पास पहली अपील और न ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दूसरी अपील दायर की गई।

CEO ने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि वे मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के नियम 20(3)(बी) के तहत हस्ताक्षरित घोषणा पत्र के साथ उन मतदाताओं के नाम और विवरण साझा करें, जिन्हें कथित तौर पर मतदाता सूची से हटाया गया या गलत तरीके से शामिल किया गया। पत्र में स्पष्ट किया गया कि यदि शपथ पत्र में गलत जानकारी पाई गई, तो यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 227 के तहत दंडनीय अपराध होगा।

राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि उनकी पार्टी के पास मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेराफेरी के सबूत हैं। उन्होंने विशेष रूप से कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 वोटों की ‘चोरी’ का आरोप लगाया था। इसके जवाब में, हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने उनसे अपने दावों को शपथ पत्र के माध्यम से प्रमाणित करने को कहा है।

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को “भ्रामक” करार देते हुए कहा कि वे या तो औपचारिक रूप से सबूत प्रस्तुत करें या जनता को गुमराह करना बंद करें। आयोग ने यह भी सुझाव दिया कि चुनाव परिणामों पर सवाल उठाने के लिए उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दायर की जा सकती है।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने राहुल गांधी के दावों का समर्थन करते हुए कहा कि इस मामले में जांच की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सबूतों की जांच करने के बजाय हलफनामा मांग रहा है।

ABOUT THE AUTHOR
drishtinow

drishtinow