सिडनी के बोंडी बीच पर हनुक्का समारोह में गोलीबारी: 15 लोगों की मौत, पाकिस्तानी मूल के पिता-पुत्र थे हमलावर
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित प्रसिद्ध बोंडी बीच पर रविवार शाम हनुक्का (यहूदी त्योहार) के पहले दिन आयोजित ‘चानुका बाय द सी’ समारोह के दौरान दो बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक घायल हो गए। न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने इस घटना को आतंकवादी हमला करार दिया है, जो यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया।
पुलिस के अनुसार, हमलावर 50 वर्षीय साजिद अकरम और उनके 24 वर्षीय बेटे नवीद अकरम थे। साजिद अकरम को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया, जबकि नवीद घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है और पुलिस हिरासत में है। दोनों के खिलाफ आतंकवाद से जुड़े आरोप लगने की संभावना है। जांच में पता चला है कि साजिद के पास कानूनी तौर पर छह बंदूकें थीं, जिनका इस्तेमाल हमले में किया गया।
घटना कैसे हुई?
शाम करीब 6:45 बजे (स्थानीय समय) बोंडी बीच के पास आर्चर पार्क में हनुक्का समारोह चल रहा था, जहां करीब 1,000 लोग जुटे थे। इस दौरान दो हमलावरों ने एक फुटब्रिज से लंबी राइफलों से फायरिंग शुरू की। चश्मदीदों के अनुसार, 100 से अधिक गोलियां चलाई गईं। एक वीडियो में दिखा कि एक बहादुर नागरिक अहमद अल अहमद ने एक हमलावर को दबोचकर उसकी बंदूक छीन ली। हमले में मारे गए लोगों में चाबाड ऑफ बोंडी के सहायक रब्बी एली भी शामिल हैं। पीड़ितों की उम्र 10 से 87 वर्ष तक है।
पुलिस और सरकार का बयान
न्यू साउथ वेल्स पुलिस कमिश्नर माल लैन्यन ने कहा कि यह ऑस्ट्रेलिया में तीन दशकों में सबसे घातक गोलीबारी है (1996 के पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद)। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इसे “शुद्ध बुराई और यहूदी-विरोधी आतंकवाद” बताया और कहा कि यह हमला हनुक्का के खुशी के दिन यहूदी समुदाय को लक्ष्य करके किया गया।
जांच में अमेरिकी खुफिया एजेंसियां भी सहयोग कर रही हैं। हमलावरों की कार से आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) और अतिरिक्त हथियार बरामद हुए हैं।
हमलावरों की मां ने मीडिया से कहा कि उनका बेटा ऐसा कुछ नहीं कर सकता, लेकिन परिवार से पूछताछ जारी है। साजिद अकरम का न्यू साउथ वेल्स ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। दोनों पाकिस्तानी मूल के बताए जा रहे हैं।


















