लंबित मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0’ अभियान शुरू, मध्यस्थ अधिवक्ताओं के साथ डीएलएसए सचिव ने की समीक्षा बैठक
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : लंबित मामलों के शीघ्र और सौहार्दपूर्ण निपटारे को लेकर नालसा (NALSA) के तत्वावधान में झालसा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सिमडेगा के संयुक्त प्रयास से ‘न्याय तक पहुंच के लिए राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0’ विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 2 जनवरी से 31 मार्च तक चलेगा।
अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सिमडेगा की सचिव मरियम हेमरोम की अध्यक्षता में मध्यस्थ अधिवक्ताओं के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान की रूपरेखा, उद्देश्यों और क्रियान्वयन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
सचिव मरियम हेमरोम ने बताया कि मध्यस्थता 2.0 अभियान का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित, सुलभ और कम खर्च में निपटारा कर आम लोगों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है। इस अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, सड़क दुर्घटना दावा मामले, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति विभाजन, बेदखली, भूमि अधिग्रहण सहित अन्य मध्यस्थता योग्य दीवानी मामलों को शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि अभियान अवधि के दौरान न्यायालयों की कारण सूची से ऐसे मामलों की पहचान की जाएगी, जिनका समाधान मध्यस्थता के माध्यम से संभव है। चिन्हित मामलों को विशेष रूप से मध्यस्थता के लिए भेजा जाएगा, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
पक्षकारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस अभियान के अंतर्गत सप्ताह के सातों दिन मध्यस्थता सत्र आयोजित किए जाएंगे। ये सत्र ऑफलाइन, ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में संचालित किए जा सकेंगे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा ऑनलाइन मध्यस्थता की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे दूर-दराज के पक्षकार भी लाभान्वित हो सकें।
बैठक में सचिव ने मध्यस्थ अधिवक्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि मध्यस्थता न केवल समय और धन की बचत करती है, बल्कि पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में भी सहायक होती है।
अंत में उपस्थित सभी मध्यस्थ अधिवक्ताओं ने अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में अधिवक्ता कोमल दास, संजय महतो, रामप्रीत प्रसाद, प्रद्युम्न सिंह, शकील अहमद, पी.के. दत्ता सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।

















