सुदेश महतो ने कुड़मी समाज के समर्थन में किया भावपूर्ण पोस्ट, 1931 से हुए अन्याय के समाधान की मांग
रांची : आजसू पार्टी के प्रमुख एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने कुड़मी समुदाय के रेल टेका, डहर छेका आंदोलन के समर्थन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर एक भावपूर्ण कविता साझा की है। इस पोस्ट के माध्यम से उन्होंने कुड़मी समाज के साथ 1931 के बाद हुए ऐतिहासिक अन्याय के समाधान की मांग उठाई है।
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सुदेश महतो ने अपने पोस्ट में कहा कि झारखंड आंदोलन और राज्य निर्माण में कुड़मी समुदाय ने सबसे अधिक बलिदान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समुदाय का स्वाभिमान और सम्मान बरकरार रहना चाहिए। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि कुड़मी समाज के साथ हुए अन्याय का समाधान होने से न तो किसी का नुकसान होगा और न ही किसी की हकमारी होगी।

उन्होंने अपनी कविता में लिखा:
झारखंड निर्माण में दिया
जिस समाज ने बड़ा बलिदान!
बचे उसका स्वाभिमान,
हो उसका सम्मान॥
कुड़मी समाज के साथ 1931 के बाद
हुए अन्याय का हो शीघ्र समाधान।
किसी को नुक़सान नहीं,
किसी की हकमारी भी नहीं
सभी ऐतिहासिक सामाजिक अन्याय का
हो साथ-साथ समाधान।

गौरतलब है कि आजसू पार्टी ने हाल ही में कुड़मी समुदाय के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की थी। इसके तहत पार्टी ने अपने सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को आंदोलन की सफलता के लिए प्रभारी नियुक्त किया है।

सुदेश महतो ने अपने बयान में यह भी कहा कि सामाजिक अन्याय का सामना करने वाले सभी समुदायों के लिए एक साथ समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। यह पोस्ट न केवल कुड़मी समुदाय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक न्याय के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी उजागर करता है।

















