बोकारो में लंगूर के साथ क्रूरता का वीडियो वायरल, वन विभाग ने दर्ज की FIR, मेनका गांधी ने लिया संज्ञान
बोकारो : झारखंड के बोकारो जिले में एक लंगूर के रेस्क्यू के दौरान हुई बर्बरता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। सेक्टर-11 में एक आक्रामक लंगूर, जिसने करीब एक दर्जन लोगों को काटकर घायल कर दिया था, को पकड़ने के लिए रांची से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई थी। लेकिन रेस्क्यू के दौरान कुछ लोगों ने लंगूर की डंडों से पिटाई की, जिसका वीडियो वायरल हो गया। इस घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बोकारो के वन प्रभागीय अधिकारी (डीएफओ) रजनीश कुमार, IFS ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए लंगूर के साथ क्रूरता करने वाले तीन लोगों के खिलाफ हरला थाना में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है। डीएफओ ने कहा, “बेजुबान वन्यजीवों और पशुओं पर क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चाहे वह वन विभाग का कर्मचारी हो, पुलिस बल हो या आम नागरिक, दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।” बोकारो पुलिस भी वायरल वीडियो के आधार पर दोषियों की तलाश में जुट गई है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बोकारो डीएफओ से बात कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और घायल लंगूर के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। मेनका गांधी ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि लंगूर को उचित चिकित्सा सुविधा मिले ताकि वह स्वस्थ होकर जंगल में वापस लौट सके।
पशु अधिकार संगठन पीपुल फॉर एनिमल्स (PFA) ने इस घटना की निंदा करते हुए मेनका गांधी को मेल के जरिए वीडियो भेजकर दोषियों पर कार्रवाई और लंगूर के बेहतर इलाज के लिए रांची के पशु चिकित्सा अस्पताल में भेजने की मांग की थी। संगठन के सदस्यों ने बोकारो के जवाहरलाल नेहरू जैविक उद्यान (बोकारो जू) का दौरा कर घायल लंगूर की स्थिति का जायजा लिया।
घायल लंगूर को वन विभाग ने बोकारो जू में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। डीएफओ रजनीश कुमार और पशु चिकित्सकों की टीम ने बारिश के बीच जैविक उद्यान पहुंचकर लंगूर के स्वास्थ्य की जानकारी ली। डॉक्टरों के अनुसार, लंगूर की स्थिति स्थिर है, और उसका इलाज जारी है।

















