आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को ठंड खत्म होने के बाद बाँटे जा रहे है गर्म कपड़े
आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को ठंड खत्म होने के बाद बाँटे जा रहे है गर्म कपड़े

भंडार पाल के लापरवाही से गर्मी में मिल रहे नौनिहालों को गरम कपड़े
रांची:ओरमांझी प्रखंड में ठंड का मौसम खत्म होने के बाद आंगनबाड़ी सेविकाओं के बीच बच्चों के लिये गर्म कपड़े पैजामे बांटे जा रहे है , जिसे लेकर लोग दंग हैं। इसे विभाग की घोरलापरवाही कहीं जा सकती है, बाल विकास परियोजना की पहल से बच्चों के लिये गर्म पैजामा और गर्म कपड़े जनवरी माह के अंत में ही मिले चुके थे, लेकिन इसे बांटने में बहुत देरी हुई। लोगों का कहना है कि जब ठंड का मौसम समाप्त हो चुका है, तब बच्चों को गर्म कपड़े देने का क्या मतलब? कपड़े बांटने की जिम्मेदारी CDPO और विभाग के भंडार पाल को दी गई थी, लेकिन भंडार पाल की छुट्टी पर होने के कारण कई केंद्रों में गर्म कपड़े पहले नहीं दिये जा सके। CDPO लक्मी भारती ने इस मामले पर सफाई देते हुये कहा कि कर्मचारियों की कमी और भंडार पाल की अनुपस्थिति के कारण वितरण में देरी हुई। उन्होंने कहा कि गर्म कपड़े जनवरी में आये थे, और कुछ केंद्रों में पहले ही इनका वितरण हो चुका था। प्रखंड विकास मुख्यालय में स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में 40 से अधिक आंगनबाड़ी सेविका गर्म कपड़े लेने पहुंची थी. प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को 35-35 गर्म पेजामा वितरण किए गए, भले ही आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चोँ की संख्या 10 से कम हो,विभाग की लापरवाही से आंगनवाड़ी के बच्चों को ठंड के बदले गर्मी में मिल रहे हैं गर्म कपड़े

















