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रांची के डोरंडा में अमन साव गैंग से जुड़े फायरिंग का देखे वायरल वीडियो: अपराधियों की बेखौफी या अफवाह?

 

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रांची के डोरंडा में अमन साव गैंग से जुड़े फायरिंग का देखे वायरल वीडियो: अपराधियों की बेखौफी या अफवाह?


रांची: झारखंड की राजधानी रांची के डोरंडा इलाके में अमन साव गैंग के कुख्यात सदस्य आकाश राय (उर्फ मोनू राय) के अपार्टमेंट के सामने फायरिंग की घटना का दावा करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में हथियारों की आवाजें और दहशत का माहौल दिखाया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, और विशेषज्ञों का मानना है कि यह गैंग की बची हुई गतिविधियों का संकेत हो सकता है।

अमन साव गैंग झारखंड में हत्या, रंगदारी, फायरिंग और कोयला कारोबारियों पर हमलों के लिए कुख्यात रहा है। गैंग के सरगना अमन साव को मार्च 2025 में पलामू में पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया था, उसके बाद भी गैंग के सदस्य सक्रिय बने हुए हैं।

आकाश राय, जो सिमडेगा जेल में बंद है, पर हत्या और रंगदारी के कई केस दर्ज हैं। वह गैंग का प्रमुख सदस्य माना जाता है और उसके खिलाफ रांची, हजारीबाग समेत कई जिलों में मुकदमे चल रहे हैं। गैंग के सदस्य अक्सर सोशल मीडिया पर अपराधों की जिम्मेदारी लेते या वीडियो शेयर करते रहे हैं, जैसे कोयला साइटों पर फायरिंग या धमकियां।

डोरंडा इलाके में पहले भी जमीन विवादों को लेकर फायरिंग की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन अमन साव गैंग या आकाश राय से सीधे जुड़ी कोई नई जानकारी नही है ।

वायरल वीडियो के बावजूद, 5 अक्टूबर 2025 तक आधिकारिक स्रोतों में इस घटना की कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और झारखंड एटीएस गैंग के हथियार नेटवर्क पर नजर रख रही है, और अमन साव के एनकाउंटर के बाद कई सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि डोरंडा जैसे व्यस्त इलाके में ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं, खासकर जब थाने से महज कुछ सौ मीटर दूर फायरिंग का दावा हो। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो अक्सर फर्जी या पुराने फुटेज पर आधारित होते हैं, जिससे अफवाहें फैलती हैं।

यदि वीडियो सच्चा साबित होता है, तो यह गैंग की शेष शाखाओं की सक्रियता को दर्शाएगा, जिसके खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई कर सकती है।

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