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दस लाख के ईनामी जोनल कमांडर संतोष यादव उर्फ आलोक का अंतिम संस्कार.

चतरा, चंद्रेश शर्मा

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चतरा : बिहार के धनगायीं थाना क्षेत्र के महुवरी में हुई पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भाकपा माओवादी के दस लाख का ईनामी जोनल कमांडर संतोष यादव उर्फ आलोक उर्फ गुलशन का अंतिम संस्कार चतरा सदर प्रखंड के सिकीद गांव स्थित तड़बनवा घाट पर किया गया। मुखाग्नि उसके पिता चमारी यादव ने दी। अंतिम संस्कार में सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी थी। आलोक की मौत के बाद उसके परिजनों ने गया पुलिस से उसके शव की मांग की थी। परिजनों के निवेदन को स्वीकार करते हुए पुलिस ने आलोक का पोस्टमार्टम गया मेडिकल कालेज में कराने के बाद उसके परिजनों को सौप दिया।

मालूम हो कि माओवादी के जोनल कमांडर संतोष यादव उर्फ आलोक ने गांव के त्रिलोकी यादव हत्याकांड में आरोपित हो जाने के बाद माओवादी संगठन ज्वाइन कर लिया था। तब उसकी उम्र महज 14 वर्ष की थी। माओवादी संगठन में शामिल होने के बाद कई छोटे पदों पर रहते हुए जोनल कमांडर बन गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आलोक कौलेश्वरी जोन का जोनल कमांडर रहते हुए झारखंड और बिहार में काफी सक्रिय था। पुलिस के मुताबिक बिहार के गया जिला अंतगर्त बाराचट्टी व धनगायीं थाना क्षेत्र के अलावे चतरा जिला में भी काफी सक्रिय था। एसपी ऋषभ झा के मुताबिक पुलिस मुठभेड़ में मारे गए इस नक्सली पर चतरा जिला के विभिन्न थाना क्षेत्रों मे उग्रवादी हिंसा के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।

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