पूर्व रांची डीसी छवि रंजन को जमानत, लंबी हिरासत के बाद जेल से रिहाई का रास्ता साफ

पूर्व रांची उपायुक्त (डीसी) और आईएएस अधिकारी छवि रंजन को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ी राहत प्रदान की है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए कुछ शर्तों के साथ जमानत मंजूर कर ली, जिससे उनकी जेल से रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है। छवि रंजन 4 मई 2023 से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में हैं, और यह फैसला उनके लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है।

छवि रंजन पर रांची के बरियातु क्षेत्र में सेना के कब्जे वाली जमीन (लगभग 4.55 एकड़) की अवैध खरीद-बिक्री और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। यह मामला लैंड स्कैम से जुड़ा है, जिसमें फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं। ईडी ने अप्रैल 2023 में छवि रंजन और उनके सहयोगियों के 22 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें नकली जमीन दस्तावेज, मुहरें और अन्य सबूत बरामद हुए।

इस केस में छवि रंजन के अलावा प्रमुख व्यवसायी विष्णु अग्रवाल, बरगई सर्कल के राजस्व उप-निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, प्रदीप बागची, जमीन डीलर अफसर अली, इम्तियाज खान, ताल्हा खान, फैयाज खान, मोहम्मद सद्दाम, अमित अग्रवाल और दिलीप घोष जैसे कई आरोपी शामिल हैं। ईडी ने अब तक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। छवि रंजन, 2011 बैच के आईएएस अधिकारी, रांची डीसी रहते हुए इस घोटाले में कथित रूप से मुख्य भूमिका निभाने के आरोपी हैं।

गिरफ्तारी के बाद छवि रंजन ने कई बार जमानत के लिए अर्जी दी, लेकिन रांची की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने अगस्त 2023 में उनकी याचिका खारिज कर दी। उसके बाद झारखंड हाईकोर्ट ने भी अक्टूबर 2023, मई 2024 और अगस्त 2025 में उनकी जमानत याचिकाओं को अस्वीकार कर दिया। हाईकोर्ट ने ईडी के तर्कों को सही ठहराते हुए कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के बाद, कोर्ट ने 22 सितंबर 2025 को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई की तारीख तय की थी। आज (10 अक्टूबर) को फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जमानत मंजूर की, हालांकि शर्तों का ब्योरा अभी स्पष्ट नहीं है। इससे पहले जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य आरोपी अमित अग्रवाल को जमानत दी थी।


















