झारखंड हाईकोर्ट के एडवोकेट रजनीश वर्धन की पत्नी की ओर से दायर किया गया हैवीअस कॉपस,अगली सुनवाई 25 नवंबर को।

छठी जेपीएससी की मेरिट लिस्ट को निरस्त करने के मामले की सुनवाई हुई पूरी, अभ्यर्थियों को हाइकोर्ट के फैसले का अब रहेगा इंतजार ।

छठी जेपीएससी मेरिट लिस्ट को ख़ारिज करने के एकल पीठ के निर्देश के खिलाफ दायर की गयी पुनरावेदन पर बुधवार के दिन हाइकोर्ट की सुनवाई पूरी होगई. जस्टिस एसएन प्रसाद व चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन की अदालत में छठी जेपीएससी मेरिट लिस्ट का मामला पूरे बुधवार के दिन बहस चलती रही. सभी पक्षों को ध्यान से सुनने के बाद आज अदालत ने फैसले को सुरक्षित रख लिया है. खैर,अब बुधवार से सभी अभ्यर्थियों को अदालत के फैशले के इंतजार करना होगा. सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से एडवोकेट संजय पिपरावाल और एडवोकेट प्रिंस कुमार, सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल राजीव रंजन, एडवोकेट तान्या सिंह, प्रार्थियों की ओर से सुमीत गाड़ौदिया, कुमारी सुगंधा सहित अन्य एडवोकेट ने पक्ष रखा.
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बताते चले कि एकल पीठ ने जेपीएससी की ओर से जारी मेरिट लिस्ट को ख़ारिज कर दिया था. अपने फैसले में एकल पीठ ने कहा था कि विज्ञापन की शर्तों के अनुसार पेपर वन (हिंदी व अंग्रेजी) के अंक को कुल प्राप्त अंक में नहीं जोड़ा जाना था. क्योंकि पेपर वन में सिर्फ क्वालिफाइंग अंक ही लाना था. लेकिन इसके बावजूद पेपर वन के मार्क्स को जोड़ कर मेरिट लिस्ट को तैयार किया गया था.जिसके बाद ही 326 चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी खतरे में पड़ गयी. इसके खिलाफ शिशिर तिग्गा सहित सौ से भी ज्यादा पुनरावेदन याचिका दाखिल की गयी है.
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