आदिवासी सेंगल अभियान के कार्यकर्ताओं ने रेल चक्का जाम किया.
जामताड़ा : आसनसोल करमाटांड़ रेलखंड कशियाटांड़ हाल्ट पर आदिवासी सेंगल अभियान के कार्यकर्ताओं ने रेल चक्का जाम किया। विभिन्न मांगों को लेकर सेंगल अभियान का राष्ट्रीयव्यापी रेलवे चक्का जाम का यह केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कार्यक्रम था। जिसमें जेडीयू सह सेंगल अभियान के नेता व पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के निर्देश अनुसार यह प्रदर्शन किया गया, कार्यक्रम पूर्व पर ही निर्धारित था। सैकड़ों की संख्या में सेंगल अभियान के कार्यकर्ता 10:27 में से लेकर 11:00 बजे तक रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन तथा नारेबाजी करते रहे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अपनी मांगों को लेकर महिला, पुरुष युवक-युवती सभी रेलवे ट्रैक पर उतर आए थे। संथाल परगना संरक्षक सिकंदर टूडू, जिला अध्यक्ष गोपाल सोरेन के अगुवाई में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर उतर आए। सिकंदर टुडू ने बताया कि सरना धर्म कोड अविलंब लागू किया जाए। 345 के तहत हिंदी भाषा के तर्ज पर आदिवासी भाषा को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया जाए । झारखंड में पूर्ण रूप से शराब बंदी हो। 1932 के खतियान के आधार पर डोमेसाइल लागू हो। उन्होंने बताया कि इन मांगो के अलावा भी कई मांगे हैं जिसे को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जा रहा है।
संथाल परगना संरक्षक सिकंदर टूडू ने जानकारी देते हुए बताया कि जैसा मालूम हो कि झारखंड के हेमंत सरकार ने राज्यपाल के अनुमोदन के बिना ही सरना धर्म का को प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया है। यह बहुत ही संवैधानिक अवहेलना है और आदिवासियों के साथ यह छल है। जिसका सेंगल अभियान पूर्ण रूप से निंदा करता है। रेलवे चक्का जाम की सूचना पूर्व ही रेलवे पुलिस, जामताड़ा, नारायणपुर, कर्माटांड़ थाना की पुलिस रेलवे हॉल्ट पर तैनात थी। सुरक्षा के मद्देनजर सभी पदाधिकारी बातचीत के लिए राजी करते रहे। पुलिस प्रशासन प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को आधे घंटे के बाद समझा-बुझाकर रेलवे ट्रैक से हटाया। जाम के दौरान एक लोकल पैसेंजर ट्रेन एवं एक मालगाड़ी भी गुजरी।
जामताड़ा, कार्तिक सिंह
















