सरना धर्म कोड लागू कराएं वर्ना जनगणना नहीं होने देंगे

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दृष्टि ब्यूरो,

झारखंड में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा आज पूरे राज्य भर में मानव श्रृंखला बनाई गई. राजधानी रांची में भी लोग मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन कर रहे हैं. गौरतलब है कि राज्‍य में आदिवासी समाज द्वारा लंबे समय से सरना धर्मकोड लागू करने की मांग की जा रही है. झारखंड में सरना धर्म कोड की मांग तेज हो गई है और विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक पहले आदिवासी संगठनों द्वारा जोर-शोर से आवाज उठाई जा रही है.

मानव श्रृंखला में कई सामाजिक संगठन के लोग शामिल हैं. बच्चे, बूढ़े, नौजवान अपने हाथों में झंडा, पोस्टर-बैनर, तख्ती लेकर विभिन्न मोहल्लों से गुजरे. संगठन के लोगों का कहना है कि 2021 के जनगणना में अगर सरना कोड लागू नहीं होता है तो हम लोग जनगणना भी नहीं होने देंगे. आदिवासी संगठन नें झारखंड सरकार से यह मांग कि गई कि चालू विधानसभा सत्र में ही आदिवासियों के अलग धर्म कोड के प्रस्ताव को पास कर केंद्र सरकार को भेजा जाए.

आदिवासी संगठनों का कहना है कि अपना धर्म कोड नहीं होने के कारण 10 वर्ष में जब जनगणना होती है तो प्रकृति आदिवासियों की गणना या तो ईसाई धर्म में कर दी जा रही है या हिंदू में या अन्य में. इससे आदिवासियों की संख्या हर 10 साल में बढ़ने की बजाय घटती जा रही है.

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