जायसवाल परिवार के दो स्तंभों का धराशायी हो जाना अत्यंत दुखदायी : सुबोधकांत सहाय.

जायसवाल परिवार के दो स्तंभों का धराशायी हो जाना अत्यंत दुखदायी : सुबोधकांत सहाय.

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रांची : शहर के प्रथम मेयर रहे वयोवृद्ध कांग्रेसी शिवनारायण जयसवाल और उनके पुत्र ओमिया रंजन जायसवाल के निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपनी शोक संवेदना में कहा है कि जायसवाल परिवार के दो स्तंभों का एक साथ धराशायी हो जाना अत्यंत दुखदायी है।

श्री सहाय ने कहा कि रांची के प्रथम मेयर के रूप में वर्ष 1963 से वर्ष 1976 तक स्वर्गीय शिव नारायण जायसवाल ने जनसेवा की अद्भुत मिसाल पेश की थी। इसके बाद भी वे समाजसेवा के क्षेत्र में सदैव सक्रिय रहा करते थे। उनके पद चिन्हों पर चलते हुए उनके पुत्र और पौत्र भी समाजसेवा के प्रति समर्पित हैं। सेवा के क्षेत्र में स्वर्गीय जायसवाल के पूरे परिवार की सहभागिता शहर में एक मिसाल के रूप में स्थापित है।

श्री सहाय ने स्व. जायसवाल और उनके पुत्र ओमिया रंजन जायसवाल को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से कामना की। उन्होंने इस विकट परिस्थिति व दुख की घड़ी में ईश्वर से जायसवाल परिवार के सभी सदस्यों को संबल प्रदान करने की कामना की।

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