परिवहन आयुक्त के साथ झारखण्ड चैंबर की हुई बैठक.
राँची : बस परिवहन की समस्याओं एवं सुझावों को लेकर आज झारखण्ड चैंबर ऑफ काॅमर्स की एक बैठक परिवहन आयुक्त किरण कुमार पासी के साथ प्रोजेक्ट भवन कार्यालय में संपन्न हुई। यह कहा गया कि पिछले वर्ष लाॅकडाउन अवधि में ऐसी अपरिचालित बसों जिनका परमिट नहीं था, का टैक्स माफ किया जाय। साथ ही इस वर्ष महामारी की दूसरी लहर में प्रभावित सभी व्यवसायिक बसों का अप्रैल, मई एवं जून 2021 (तीन माह) के टैक्स माफी की स्वीकृति देने के साथ ही इंश्योरेंस की अवधि विस्तार हेतु उडीसा सरकार की तर्ज पर झारखण्ड सरकार द्वारा भी वित्त मंत्रालय व इंश्योरेंस रेगुलेटरी एण्ड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इण्डिया को पत्र प्रेषित करने की पहल की जाय।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चैंबर महासचिव राहुल मारू ने आयुक्त को अवगत कराया कि राज्य के जिस जिले में आॅटोमेटेड फिटनेस सेंटर संचालित है, वहां भी एमवीआई के द्वारा ही व्यवसायिक वाहनों का दुरूस्ती प्रमाण पत्र निर्गत किया जा रहा है, जबकि माॅर्थ-56 के अनुसार व्यवसायिक वाहनों का दुरूस्ती प्रमाण पत्र ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर से निर्गत कराने की बाध्यता है। एमवीआई द्वारा दुरूस्ती प्रमाण पत्र निर्गत किये जाने से जिले में स्थापित ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर्स के संचालन में कठिनाई हो रही है जिसपर शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता है। परिवहन आयुक्त ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमण्डल ने कुछ अन्य समस्याएं व सुझाव भी दिये जिनमें मुख्यतः केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के निर्देशों के आलोक में झारखण्ड में वाहनों के विभिन्न दस्तावेजों की वैधता अवधि 30 सितम्बर तक विस्तारित करने, स्कूली बस एवं शिक्षण संस्थानों में संलग्न बसों का 31 मार्च 2022 तक टैक्स माफी करने, रांची-देवघर-धनबाद में पूर्णकालिक एमवीआई की पदस्थापना करने (अतिरिक्त प्रभार पर रहने से कार्य प्रभावित हो रहा है) तथा राज्य के प्रत्येक जिले में भारी मोटर ड्राइविंग केंद्र की स्थापना का आग्रह किया गया। यह भी कहा गया कि स्कूली बस एवं शिक्षण संस्थान की बसें जो वर्तमान में पूर्णतया बंद हैं, यदि बस मालिक उस बस को स्टेज कैरेज में बदलते हुए क्षेत्रीय प्राधिकार से परमिट चाहते हों तो बस की प्रकृति में परिवर्तन करते हुए स्टेज कैरेज या काॅन्ट्रैक्ट कैरेज परमिट देने की अनुमति दी जाय ताकि वैसी बसें मार्ग पर परिचालित हो सकें।
चैंबर उपाध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि बसों का अस्थाई परमिट शादी-विवाह, पर्यटन, मेला, जलसा इत्यादि के आयोजन पर 7 दिन एवं 28 दिन का अस्थाई परमिट निर्गत करने का मोटरयान अधिनियम की उपलब्ध सुसंगत धारा के अनुसार निर्धारित शुल्क प्राप्त कर अनुज्ञप्ति (परमिट) जारी करने का स्पष्ट निर्देश प्राधिकार को दिया जाय। उन्होंने यह भी सुझाया कि वर्ष 2018 से पूर्व बनी हुई स्लीपर बसों को दुरूस्ती प्रमाण पत्र निर्गत करते हुए नियमित किया जाय। इससे सरकार को करोडों रू0 राजस्व की प्राप्ति होगी।
परिवहन आयुक्त किरण कुमारी पासी ने चैंबर द्वारा सुझाये गये सभी बिंदुओं पर साकारात्मक रूख दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने उक्त समस्याओं के निष्पादन में विभाग द्वारा की गई कार्रवाई पर पुनः समीक्षा बैठक आयोजित करने की बात कही। प्रतिनिधिमण्डल में चैंबर उपाध्यक्ष किशोर मंत्री, महासचिव राहुल मारू, कार्यकारिणी सदस्य अमित शर्मा, शैलेष अग्रवाल एवं बस ट्रांस्पोर्ट उप समिति चेयरमेन अरूण साबू सम्मिलित थे।
इसी प्रकार देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से परिवहन व्यवसायियों के समक्ष उत्पन्न कठिनाईयों को देखते हुए आज ऑल इण्डिया मोटर ट्रांस्पोर्ट कांग्रेस के आहवान पर जिले में ट्रांस्पोटर्स ने काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्वक विरोध जताया। इस दौरान झारखण्ड चैंबर के महासचिव राहुल मारू एवं रांची गुडस ट्रांस्पोर्ट एसोसियेशन के सदस्यों ने उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा।

















