नेता प्रतिपक्ष नहीं रहने से अटकी हुई सुचना आयुक्तों की नियुक्ति।

नेता प्रतिपक्ष नहीं रहने से अटकी हुई सुचना आयुक्तों की नियुक्ति।

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झास्खंड में राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त (सीआइसी) व सूचना आयुक्तों के सभी पद अभी भी खाली हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद अब तक खाली पदों पर सीआइसी व आयुक्तों की नियुक्ति नहीं हो पायी है. 2 नवंबर को मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. उधर, झारखंड सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दावर कर सूचना आयुक्त की नियुक्ति के लिए अपनावी गयी प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गयी है. सरकार ने 5 कि सीआइसी व सूचना आवुक्तों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से पद रिक्त है
सरकार ने नियुक्ति की प्रक्रिया वर्ष 2020 में ही शुरू कर दी थी. एक सीआइसी व पांच सूचना आवुत्तों केौ्त पदों पर नियुक्ति के लिए इच्छुक योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगा गया था.

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विज्ञापन के आलोक मे सीआइसी पद के लिए 63 व सूचना आयुक्तों के लिए 354 आवेदन प्राप्त हुआ था. सूचनधिकार कानून की धारा 5 (तीन) के अनुसार आवुक्तें के चयन के लिए समिति गठित होगी. मुख्यमंत्री समिति के अध्यक्ष होंगे, इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष और मुख्यमंत्री द्वारा नियमित एक कैबिनेट मिनिस्टर शामिल होंगे .उक्त समिति विचार कर नियुक्ति के लिए अनुशंसा करती है. झारखंड में नेता प्रतिपक्ष नहीं हैं. झारखंड विधानसभा से भीजानकारी मांगी गयी थी. विधानसभा की ओर से बताया गया कि पंचम विधानसभा में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में किसी को मान्यता नहीं दी है. चयन समिति में नेता प्रतिपक्ष का रूना जल्दी है. इसलिए सीआइसी व आवुत्तों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है.

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