मेयर आशा लकड़ा ने राज्य सरकार द्वारा रांची नगर निगम छेत्र मे लागु किया गया जल कर को बताया दुर्भाग्यपूर्ण,शहर की जनता को ही भुगतना पड़ेगा नुक्सान।

मेयर आशा लकड़ा ने राज्य सरकार द्वारा रांची नगर निगम छेत्र मे लागु किया गया जल कर को बताया दुर्भाग्यपूर्ण,शहर की जनता को ही भुगतना पड़ेगा नुक्सान।

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मेयर आशा लकड़ा ने राज्य सरकार द्वारा रांची नगरनिगम छेत्र मे लागु किया गया जल कर को दुर्भाग्यपूर्ण बताय है. उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता को गुमराह कर रहे हैं. अधिकारी यह तो बता रहे है कि लोगों को हर माह 5000 लीटर पानी मुफ्त मिलेग, लेकिन वह ये नहीं बता रहे की इससे अधिक खपत होने पर नौ रुपये प्रति हजार लीटर की दर से शुल्क वसूला जायेगा, जो मौजूदा दर (छह रुपये) से डेढ़ गुना अधिक है. मेयर ने कहा कि सरकार के अधिकरी यह घोषणा भी कर रहे हैं कि अब लोगों को निःशुल्क वाटर कनेक्शन
दिया जायेगा. इसमें समझनेवाली बात यह है की निःशुल्क कनेक्शन उन मेहल्ले मे ही दिया जायेगा, जहां नयी पाइपलइन अभी बिछ रही है. जहां पहले से पाइपलाइन बिछी हुई है, ऐसे मोहल्ले के लोग अगर वाटर कनेक्शन लगाएंगे , तो उन्हें 7000 से 42000 तक शुल्क देना पड़ेगा . यह कॉमान दर (500 रुपये) से ।4गुना अधिक है.

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17 को राजभवन के समक्ष घरना:
मेयर ने कहा कि सरकार के इस निर्णय के खिलाफ 17 नवंबर को राजभवन के समक्ष घरना दिया जायेगा उन्होने लोगों से इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है. मेयर ने कहा है कि अगर रांची की जनता अभी नहीं जागी, तो आनेवाले दिनों में यह काला कानून रांची में लागू हो जयेग, जिसे इस शहर की जनता को ही भुगतना पड़ेगा।

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