लता मंगेशकर(Lata Mangeshkar) की अस्थियां लेकर लौटे भतीजे आदिनाथ, भाई हृदयनाथ के परिवार ने निभायी हैं रस्में

लता मंगेशकर(Lata Mangeshkar) की अस्थियां लेकर लौटे भतीजे आदिनाथ, भाई हृदयनाथ के परिवार ने निभायी हैं रस्में

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Mumbai : लता मंगेशकर(Lata Mangeshkar) का रविवार को राजकीय सम्मान के साथ मुंबई के शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत ढेरों सेलेब्रिटीज और राजनेता उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे. सोमवार को लता मंगेशकर के भतीजे आदिनाथ मंगेशकर अंतिम संस्कार के बाद के अनुष्ठान करते और अस्थियां ले जाते दिखाई पड़े. आदिनाथ मंगेशकर लता मंगेशकर के छोटे भाई ह्रदयनाथ मंगेशकर के बेटे हैं. वह सोमवार को अंतिम संस्कार वाली जगह से अस्थि कलश ले जाते दिखे.  असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर किरण दिघवकर ने कहा, ‘हमने अस्थिकलश आदिनाथ को सौंप दिया है. वो लता मंगेशकर के भाई और म्यूजिक कंपोजर ह्रदयनाथ मंगेशकर के बेटे हैं.’ क्योंकि लता मंगेशकर जीवन भर अविवाहित थीं इसलिए उनके भाई का परिवार ही उनके अंतिम संस्कार से जुड़ी सभी चीजें कर रहा है.  सफेद कपड़े पहने 8 पुजारियों ने अंतिम संस्कार किया. लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ ने चिता को मुखाग्नि दी.

डॉक्टर ने बतायी आखिरी वक्त की बातें, बोले- मुस्कुरा रही थीं लता मंगेशकर

लता मंगेशकर के आखिरी वक्त पर उनका इलाज डॉक्टर प्रतीत समदानी कर रहे थे. उन्होंने बताया कि वह इलाज के लिए कभी आनाकानी नहीं करती थीं. उनको जो भी जरूरी ट्रीटमेंट बताया जाता, हमेशा तैयार रहती थीं. डॉक्टर ने लता मंगेशकर के आखिरी वक्त के बारे में भी बताया.  लता के असाधारण व्यक्तित्व के बारे में डॉक्टर समदानी ने बताया, मैं हमेशा उनकी मुस्कुराहट याद रखूंगा. आखिरी वक्त पर भी उनके चेहरे पर मुस्कुराहट थी. बीते कुछ वक्त से उनकी हेल्थ ठीक नहीं थी तो वह ज्यादा लोगों से मिल नहीं पा रही थीं. जब से मैं उनका इलाज कर रहा था, लता दीदी बहुत कम बोल पाती थीं. हालांकि इस बार ऊपरवाले का कुछ और ही प्लान था और वह हमें हमेशा के लिए छोड़कर चली गईं.

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