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पलामू के DC ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने संबंधियों को खनन पट्टे बांटे : बीजेपी

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झारखंड में भ्रष्टाचार का इतिहास रचनेवाली सरकार,जहाँ हर शाख पर…..बैठा है…..दीपक प्रकाश

बड़े मियां तो बड़े मियां,छोटे मियां सुभानअल्लाह

BJP प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश ने आज फिर एक बार राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला। श्री प्रकाश आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

दीपक प्रकाश ने कहा कि झारखंड में तंत्र पर भ्रष्टाचार पूरी तरह हावी हो चुका है। राज्य में चारो तरफ भ्रष्टाचार की दुर्गंध आ रही।

उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार पड़ रहे ईडी की छापेमारी से कई चेहरे बेनकाब हुए है। आज जो मामले उजागर हो रहे इससे संबंधित बातों को BJP ने पहले से ही आगाह किया था।
उन्होंने कहा कि आज झारखंड भ्रष्टाचार से शर्मशार हुआ है।
दीपक प्रकाश ने कहा अब तो रोज नए नए मामले उजागर हो रहे। जिसमे पलामू के DC शशिरंजन भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि पलामू के उपायुक्त ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने संबंधियों को खनन पट्टे स्वीकृत किये ।

उन्होंने कहा कि उपायुक्त बताएं कि ये मेसर्स जय माँ विंध्यवासिनी स्टोन फर्म के नाम पर पलामू जिला के मौजा शाहपुर,थाना नौडीहा बाजार,थाना संख्या 380 खाता संख्या 72 प्लाट नंबर 295,297,299,300,302,304 एवं 306,कुल रकबा 4.17एकड़ में पत्थर खनन,क्रशर प्लांट,स्टोन चिप्स एवम डस्ट केलिये जो लीज आवंटित की गई है,उसमे श्रीमती अंजना चौरसिया पति श्री अजय कुमार,नमक गोला, जय मुहल्ला ,जिला बक्सर (बिहार)कौन है? और मेसर्स प्राइम स्टोन से जुड़ी श्रीमती स्नेहा कुमारी बड़ी दरियापुर,जिला मुंगेर की कौन है?

दीपक प्रकाश ने कहा कि राज्य के सिर्फ मुख्यमंत्री ने ही अपने और अपनों को लीज आवंटित नही किये बल्कि राज्य के पदाधिकारी भी मुख्यमंत्री का अनुसरण करने में पीछे नही रहे। मुख्यमंत्री ने स्वयं लूटा भी और लूटने की छूट भी दी।

दीपक प्रकाश ने जेएसएमडीसी में कार्यरत अनुबंध कर्मी अशोक कुमार के मामले भी उजागर किये।
कहा अशोक कुमार गढ़वा जिला में खनिज निगम का प्रोजेक्ट अधिकारी है ,जिसने गढ़वा के चिनिया प्रखंड में अपनी पत्नी विद्या शर्मा के नाम 8.47एकड़ में खान आवंटित करा लिया।
कहा कि अशोक कुमार पर बालू से तेल निकालने वाली कहावत चरितार्थ होती है।

कहा कि भ्रस्टाचार का अभूतपूर्व इतिहास पिछले 27 महीनों में रचा गया। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री,सचिव,उपायुक्त, डीएमओ,सहित अनेक पदाधिकारी जांच के घेरे में हैं।

 

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