JMM PROTEST

JMM PROTEST : राजभवन के सामने JMM का शक्ति प्रदर्शन केंद्र सरकार और ED के खिलाफ लगाए नारे

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झारखण्ड में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन जारी है। आज सैकड़ो कार्यकर्त्ता पार्टी का झंडा लेकर राजभवन के सामने जमा हो गए और मोदी सर्कार के खिलाफ नारे लगाने लगे। इस दौरान सभी कार्यकर्ताओ ने एड के खिलाफ भी नारे लगाए।। दरअसल झारखण्ड में अवैध खनन मामले में ईडी की टीम जांच कर रही है। और खबर है की इस जाँच के दौरान ED को हेमंत सोरेन के खिलाफ पुख्ता साबुत मिले है जिसके बाद ED हेमंत सोरेन से पूछताछ करना चाहती है। इसलिए इस अवैध खनन मामले में ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ के लिए समन जारी किया है। हलाकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूछताछ के लिए ईडी के समक्ष हाजिर नहीं हुए हैं और अपनी ओर से ईडी की पूछताछ के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा है।

सम्मन जारी होने के बाद से ही हेमंत सोरेन केंद्र की सरकार और ED के खिलाफ काफी मुखर हो गए है और लगातार मौखिक हमले किये जा रहे है। इधर अपने मुखिया के खिलाफ कार्यवाही से JMM के कार्यकर्ताओं में उबाल है और जेएमम कार्यकर्ता इस पूरे प्रकरण में बीजेपी को दोषी ठहरा रहे हैं। शनिवार को हजरो की संख्या में कार्यकर्ता राजभवन पहुंचकर बीजेपी और ईडी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। जेएमम कार्यकर्ताओं का कहना है कि बीजेपी मौजूदा सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है और जनादेश का उल्लंघन कर रही है। जेएमएम कार्यकर्ताओं ने बीजेपी मुर्दाबाद और जेएमएम जिंदाबाद का जमकर नारा लगाया।

जाहिर है की कि पिछले 6 मई से ED की टीम झारखंड के अलग-अलग जिलों में कार्रवाई कर रही है. ईडी जहां अब तक कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. ईडी सबसे पहले मनरेगा घोटाले की जांच की और आईएस पूजा सिंघल के सीए सुमन कुमार को गिरफ्तार किया और उसके बाद आईएस पूजा सिंघल को गिरफ्तार किया. इस छापेमारी के दौरान ईडी को कई अहम जानकारियां मिली थी जिसके आधार पर अवैध खनन मामले की जांच की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है।

खबर ये भी है की इस बार ED के कोई पुख्ता साबुत मिले है जिसके दम पर ED झारखण्ड के मुख्यमंत्री से पूछताछ करना चाहती है जानकारी के मुताबिक कोई भी एजेंसी बना पुख्ता सबूत के किसी भी बड़ी हस्ती को पूछताछ के लिए नहीं बुलाएगी। खबर ये भी है की इस बार हेमंत सोरेन जितना भी ED के खिलाफ बोलेंगे उतना उनके लिए क़ानूनी रूप से सही नहीं होगा इसलिए जानकर बताते है की हेमंत सोरेन को कानून और सविधान का सम्मान करते हुए अपनी लड़ाई लड़नी चाहिए

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