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Ranchi News:-बच्चो में बढ़ रहा है ह्रदय रोग का खतरा 486 लोगो में 52 बच्चो सहित 134 लोगो को दिल की बीमारी , जल्द करवाना होगा ओप्रेशन

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प्रेरणा चौरसिया

Drishti Now  Ranchi

झारखंड में बड़ी संख्या में बच्चे हृदय रोग से पीड़ित हो रहे हैं। किसी के दिल में छेद है तो किसी को कई और समस्याएं आ रही हैं। रिम्स में शनिवार और रविवार को लगाए गए हृदय रोग जांच शिविर में यह चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया।

शिविर में राज्यभर के कुल 486 लोगों के हृदय की जांच की गई। इसमें पाया गया कि 134 मरीजों को सर्जरी की जरूरत है। इनमें से 52 बच्चे हैं, जो 12 साल तक के हैं। इन बच्चों में से 40 ऐसे हैं, जिनके दिल में छेद है। इससे उनके परिवार परेशान है। ऐसे में निजी संस्था प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट सामने आया है। यह ट्रस्ट इन सभी मरीजों का मुफ्त में इलाज और ऑपरेशन कराएगा। ट्रस्ट द्वारा गुजरात के अहमदाबाद और राजकोट में संचालित श्री सत्य साईं हॉस्पिटल में इन मरीजों का इलाज और सर्जरी की जाएगी।

आने-जाने के लिए सरकार देगी 10 हजार रुपए, बाकी खर्च ट्रस्ट करेगा

प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन के को-ऑर्डिनेटर हरीश पटेल ने बताया कि सर्जरी योग्य सभी 134 मरीजों को बुलाया गया। अलग-अलग दिन का नंबर सभी को दिया गया है। सर्जरी के दौरान व वहां से डिस्चार्ज होने तक सभी रोगियों को रहने-खाने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। आने-जाने का किराया छोड़कर किसी को एक रुपए भी खर्च नहीं करने होंगे। 52 बच्चों की सर्जरी अहमदाबाद सेंटर में, जबकि बड़ों की सर्जरी राजकोट सेंटर में होगी। आने-जाने के लिए भी सरकार प्रति मरीज 10 हजार रुपए देगी।

जन्मजात कंजेनाइटल हार्ट डिजीज के प्रमुख कारण…

अनुवांशिक कारण प्रेग्नेंसी के दौरान किसी दवा का असर प्रेग्नेंसी में शराब या नशीले पदार्थ का सेवन प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में मां को वायरल इंफेक्शन

हृदय की संरचना के विकास में शुरुआत में ही दिक्कत आने की वजह से कंजेनाइटल हार्ट डिजीज की समस्या पैदा होती है।

8 साल का रोहित… जन्म से दिल में 3 छेद

खूंटी के परेश नाग के 8 साल के बेटे रोहित नाग के दिल में जन्म से ही 3 छेद हैं। पिता परेश ने बताया कि डॉक्टरों ने दिल में छेद होने की जानकारी दी थी। गरीबी के कारण इलाज नहीं करा सके। अब श्री सत्य साईं अस्पताल में 12 जून की तारीख मिली है। अब बेटा 2 से 3 माह के भीतर ठीक हो जाएगा।

6 साल की सुनैना… 1 साल बाद पता चला

6 साल की सुनैना के पिता चरण मुंडा ने बताया कि जन्म के दौरान बेटी ठीक थी। पर, एक साल के बाद अचानक पेट फूलने की समस्या हो गई। धड़कन भी बढ़ने लगी। जांच कराने पर पता चला दिल में एक छेद है। इस कैंप में दिखाने के बाद डॉक्टरों ने 14 जून को अहमदाबाद बुलाया है।​​​​​​​

वजात की भी ओपन हार्ट सर्जरी संभव..​​​​​​​

छोटे बच्चों की भी ओपन हार्ट सर्जरी संभव है। जन्म के 10-15 दिन बाद के नवजातों की भी सर्जरी की जा सकती है। समय पर ऑपरेशन नहीं कराने के कारण बड़े होने पर परेशानी बढ़ जाती है। -डॉ. पवन, हृदय रोग विशेषज्ञ​​​​​​​

 

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