Ranchi News:-2000 रुपए के नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू:बैंकों में 20 करोड़ के गुलाबी नोट जमा, सोना प्रति 10 ग्राम 4 हजार अधिक में बिका

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Ranchi News

प्रेरणा चौरसिया

Drishti  Now  Ranchi

मंगलवार से 2000 रुपए के नोट बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सुबह से ही लोग बैंकों में जा रहे हैं, लेकिन किसी में भी भीड़ नहीं थी। ज्यादातर बैंकों में एक बार में 10 से 20 लोग ही लाइन में नजर आ रहे थे। रांची के बैंकों में पहले दिन 20 करोड़ रुपये के 2,000 रुपये के नोट पहुंचे. ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त सचिव के मुताबिक मंगलवार को ग्रामीण बैंकों में 8 से 10 के नोट, अर्धशहरी शाखाओं में 20 से 25 के नोट और शहरी शाखाओं में 75 से 100 के नोट जमा किए गए।

इन बैंकों में कई बैंकर अपने अनोखे तरीके से नियम बनाते हैं। आरबीआई के निर्देश की अवहेलना में, 2000 खाते को बदलने के लिए फिरायालाल में एक बैंक का दौरा करने वालों को फॉर्म भरने की आवश्यकता थी। इससे कई लोगों में हड़कंप मच गया। कुछ रातू रेड शाखाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में फ़ॉर्म को पूरा करने के निर्देश विरोध में थे। वहीं दूसरी ओर ज्वैलर्स 2000 के नेट से 4000 रुपए प्रति दस ग्राम अधिक कीमत वसूल रहे हैं।

आज से 2 हजार का पेट्राेल-डीजल लेने पर ही नाेट स्वीकार्य

पेट्रोल  पंपों पर करीब दो हजार आठ लाख रुपए थे। अधिकांश प्रतिभागी 2000 के बिल पेश कर रहे थे। इस वजह से, पेट्रोलियम एसोसिएशन ने घोषणा की है कि 24 मई से केवल 2,000 रुपये के पेट्रोल और डीजल की खरीद पर शुद्ध 2,000 रुपये का शुल्क लिया जाएगा।

ज्वेलर्स के यहां भीड़ नहीं, लेकिन घर में हाे रही साेना-चांदी की आपूर्त

ज्वेलरी की दुकानाें पर दाे हजार के नाेट से खरीदारी की बात काेई कबूल नहीं रहा, पर कुछ बड़े लाेगाें के घराें पर साेना-चांदी की आपूर्ति की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, रांची में अचानक सोने की बिस्किट, चांदी की ईंट की मांग बढ़ी है। हालांकि, आईटी और ईडी की ओर से हाल के दिनों में की गई कार्रवाई को देखते हुए 2 हजार के नोट खपाने वाले और ज्वेलर्स सतर्कता के साथ लेनदेन कर रहे हैं।

खुदरा दुकानाें में दाे हजार के नाेट लेने से परहेज कर रहे हैं दुकानदार

दाे हजार रुपए के नाेट चलन से बाहर किए जाने के बाद से शहर की खुदरा दुकानाें में नाेट लेने से इनकार किया जा रहा है। अधिकतर दुकानदार खुल्ला पैसा नहीं हाेने का हवाला देते हुए नाेट नहीं ले रहे हैं। अपर बाजार और पंडरा बाजार समिति के गिने-चुने थाेक व्यापारी ही नाेट ले रहे हैं। हालांकि, जिन व्यापारियाें के पास उधारी चूकता के लिए दाे हजार का नाेट मिल रहा है, वे उसे ले रहे हैं।

 

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