छात्राओं ने प्रश्न पत्र लीक करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।
भोला शंकर सिंह/कोडरमा
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एंकर:-जैक बोर्ड के 10 वीं के हिंदी और विज्ञान की परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने के बाद परीक्षा रद्द किए जाने के कारण परीक्षार्थी और उनके अभिभावकों की टेंशन बढ़ गई है। छात्राओ ने प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर सरकार से सवाल किया और प्रश्न पत्र लीक करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।
बता दें कि पहले 18 फरवरी को हिंदी और 20 फरवरी को विज्ञान की परीक्षा हुई थी और 20 फरवरी को विज्ञान की परीक्षा समाप्त होने के बाद जब इस बात की पुष्टि हो गई की सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर वायरल हुए प्रश्न पत्र परीक्षा में मिले प्रश्न पत्र से हु ब बहू पाए गए, तो जैक बोर्ड में दोनों विषयो की परीक्षा रद्द करते हुए इन दोनों विषयो की परीक्षा दोबारा लेने की बात कही।
जो छात्राएं आज संस्कृत की परीक्षा देने आई थी, उन छात्राओ ने कहा कि दो विषयों के परीक्षा रद्द किए जाने से उनकी कई तरह की परेशानियां बढ़ गई है। एक तरफ उनके सालों की मेहनत बेकार हो गई तो परीक्षा रद्द किए जाने और दोबारा परीक्षा होने से उनकी कई तरह की प्लानिंग को भी चोट पहुंचा है। परीक्षार्थियों ने यहां तक कहा की प्रश्न पत्र लीक होने के लिए सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार और जवाबदेह है। ऐसे में प्रश्न पत्र लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसा ना हो सके।
छात्राओं ने कहा कि लगातार ऐसे मामले सामने आते रहते हैं जिससे छात्रों का भविष्य अंधकार में दिख रहा हैं । वहीं अभिभावकों ने कहा कि इस तरह के मामले सामने आने के बाद बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा, साथ ही अभिभावकों पर भी आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

















