मुर्शिदाबाद हिंसा : पलायन कर झारखंड आई हिन्दू महिला का बयान पुलिस को बार बार फोन किया लेकिन पुलिस नही आई ,पुलिस ने कहा घर मे रहिये
मुर्शिदाबाद हिंसा : पलायन कर झारखंड आई हिन्दू महिला का बयान पुलिस को बार बार फोन किया लेकिन पुलिस नही आई ,पुलिस ने कहा घर मे रहिये
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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) कानून के विरोध में भड़की हिंसा के बाद सैकड़ों हिंदू परिवारों ने झारखंड के साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में अपने रिश्तेदारों के पास शरण ली है।
मृतक हरगोविंद दास के भतीजे हृदय दास के अनुसार, 12 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे जाफराबाद गाँव में लगभग 500 उपद्रवियों ने हमला किया। उन्होंने हरगोविंद और चंदन को उनकी नाश्ते की दुकान से खींचकर धारदार हथियारों से बेरहमी से हत्या कर दी। उपद्रवियों ने जाफराबाद मार्केट में 70-80 घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की, मंदिरों को नुकसान पहुँचाया, महिलाओं के साथ बदतमीजी की, और पीने के पानी में जहर मिलाने की कोशिश की। आसपास के हिंदू बहुल गाँवों में भी इसी तरह की हिंसा की खबरें हैं।
पलायन और शरणार्थी स्थिति
हिंसा के डर से सैकड़ों हिंदू परिवार मुर्शिदाबाद, मालदा, और अन्य क्षेत्रों से पलायन कर रहे हैं। कई परिवार झारखंड के साहिबगंज और पाकुड़ में रिश्तेदारों के घर शरण ले चुके हैं। मालदा में एक स्कूल में करीब 1,000 लोग शरण लिए हुए हैं। पीड़ितों के चेहरों पर हिंसा की दहशत साफ दिखाई देती है, और कई लोग अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
हिंदू परिवारों पर निशाना: पीड़ितों का आरोप है कि हमलावरों ने चुन-चुनकर हिंदू दुकानों और घरों को निशाना बनाया, जबकि मुस्लिम दुकानों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा।
पीड़ित महिला से जब बात की गई तो उनकी बातों को सुनकर सबकी आंखें भर आई। पीड़ित महिला का बयान है कि वह बार-बार पुलिस को फोन करती रही लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची पुलिस कहती रही कि घर में रहिए सेफ रहिए लेकिन उनका कहना है कि कैसे से रहते बाहर सैकड़ो की संख्या में उपद्रवी घर में आग लगाने जा रहे हैं और घर में बच्चा पानी के लिए रो रहा है घर में पानी नहीं राशन नहीं ऐसे में हम घर में सेफ कैसे रहते जबकि उपद्रवी भी घर में कई बार आग लगाने की कोशिश कर रहे थे

















