बासुकीनाथ धाम में सावन की अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं का सैलाब, बोल बम के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
दुमका: सावन माह की अंतिम सोमवारी के अवसर पर फौजदारी दरबार बाबा बासुकीनाथ धाम मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर में बोल बम के जयकारों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं की लंबी कतार शिवगंगा घाट से दर्शनियाटीकर तक पहुंच गई। अहले सुबह सरकारी पूजा के बाद मंदिर का पट खुलते ही भक्तों का तांता लग गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रशासन ने इस अवसर के लिए पहले से ही व्यापक तैयारियां कर ली थीं। कांवरिया रूट लाइन पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। श्रद्धालुओं को क्यू कंपलेक्स के रास्ते मंदिर प्रांगण में प्रवेश कराया गया, जहां अरघा के माध्यम से बाबा बासुकीनाथ और माता पार्वती का जलाभिषेक किया गया।
दुमका के डीसी अभिजीत सिन्हा ने बताया कि श्रावणी मेला की अंतिम सोमवारी के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है। उन्होंने कहा, “श्रद्धालुओं को सुगमता से जलार्पण कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
पंडितों के अनुसार, सावन माह के प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव को जलाभिषेक करने से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने प्रशासन की व्यवस्था की सराहना की और बताया कि बासुकीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
बासुकीनाथ धाम में सावन की अंतिम सोमवारी का यह उत्सव भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम रहा, जहां हजारों भक्तों ने बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं पूरी कीं हैं।

















