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सिमडेगा में सावन की अंतिम सोमवारी पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब, शिवालयों में जलाभिषेक के लिए कांवरियों की भीड़

शंभू कुमार सिंह

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सिमडेगा: सावन माह की अंतिम सोमवारी पर सिमडेगा जिले के शिवालयों में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह होते ही सड़कों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवा रंग में रंगे कांवरिया श्रद्धालु “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ शंख नदी के पवित्र संगम तट से जल लेकर विभिन्न शिवालयों की ओर बढ़े। कांवरियों की कतारें इतनी लंबी थीं कि जहां तक नजर जाती, वहां तक भक्ति की धारा दिखाई दे रही थी। युवा, वृद्ध, महिलाएं और बच्चे—हर वर्ग के लोग इस कांवर यात्रा में शामिल होकर भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट कर रहे थे।

शंख नदी से शिवालयों तक कांवर यात्रा

कांवरियों ने शंख नदी से जल लेकर कर्रा मुंडा, छुरिया धाम, रामरेखा धाम और जिले के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में विधि-विधान के साथ जलाभिषेक किया। प्रसिद्ध पर्यटक स्थल दनगद्दी शिव धाम में बोलबा कांवरिया संघ के तत्वावधान में शंख नदी से पैदल कांवर यात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान भक्तों ने भक्ति भाव के साथ “बोल बम” के मंत्र जपते हुए शिवालयों की ओर कदम बढ़ाए। कच्छुपानी गांव में कांवरियों के लिए ठंडा पानी और शरबत की व्यवस्था की गई, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

समाजसेवियों और प्रशासन का सराहनीय योगदान

शहर के प्रमुख मार्गों और शिवालयों के आसपास भारी भीड़ देखी गई। साइन सेवा समिति, पब्लिक स्कूल और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह स्टॉल लगाकर कांवरियों का स्वागत किया। कांवरियों के लिए फल, शरबत और जलपान की व्यवस्था की गई। प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए, जिससे यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हुई। बोलबा कांवरिया संघ द्वारा महाप्रसाद की व्यवस्था भी की गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।

कांवरिया संघ और सेवा समितियों की सक्रिय भागीदारी

इस अवसर पर बोलबा कांवरिया संघ के अध्यक्ष नेहाल जयसवाल, शिव धाम सेवा समिति के अध्यक्ष सोमरू सिंह, सचिव चन्द्रदेव सेनापति, शेखर जयसवाल, प्रशांत जयसवाल, नारायण सेनापति, अजय कुमार सिंह, निखिल सोनी, अमरजीत साह, सुरजन बड़ाईक, विनोद बड़ाईक, प्रमानन्द बड़ाईक, रमेश दास, हीरालाल प्रधान, पुरनचन्द प्रधान, रोहित प्रधान, रामशुभक प्रधान, दिलिप कुमार राम, राजू सिंह, महिन्द्र पहान, रामेश्वर सिंह, रामलाल प्रधान, दीना प्रधान और अन्य सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा। इनके प्रयासों से कांवर यात्रा और जलाभिषेक का आयोजन भव्य और व्यवस्थित रहा।

भक्ति और आस्था का संगम

सावन की अंतिम सोमवारी पर सिमडेगा का माहौल पूरी तरह शिवमय रहा। कांवरियों की भक्ति और उत्साह ने पूरे जिले को आस्था के रंग में रंग दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सामुदायिक सहयोग का भी प्रतीक बना।

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