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हाय रे ! विक्षुब्ध, असहाय महिला ने खुले आसमान के नीचे दिया बच्ची को जन्म, समाज पर उठे सवाल 

हाय रे ! विक्षुब्ध, असहाय महिला ने खुले आसमान के नीचे दिया बच्ची को जन्म, समाज पर उठे सवाल

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जादूगोड़ा, झारखंड: एक मार्मिक और हृदयविदारक घटना ने आज समाज की संवेदनशीलता और मानवता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जादूगोड़ा के झरिया गांव में मंगलवार सुबह एक अज्ञात और विक्षुब्ध महिला ने खुले आसमान के नीचे अपनी नवजात बेटी को जन्म दिया। इस असहाय माँ को न तो अपने पति का नाम मालूम है और न ही उसका कोई ठिकाना। नौ महीने तक अपने गर्भ में शिशु को पालने के बाद, इस महिला ने असहनीय पीड़ा के बीच झरिया गांव में अपनी बच्ची को जन्म दिया।

सुबह करीब छह बजे हुई इस घटना की खबर फैलते ही गाँव वाले मदद के लिए आगे आए। नवजात की किलकारी ने गाँव के लोगों का दिल छू लिया, और उन्होंने तुरंत इस असहाय माँ की मदद की। सूचना मिलते ही जादूगोड़ा थाना के सहायक अवर निरीक्षक नारायण मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। यूसिल एम्बुलेंस की सहायता से माँ और बच्ची को जमशेदपुर के सदर अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

महिला ने खुद को जमशेदपुर के पारडीह की निवासी बताया, लेकिन वह अपने पति या किसी अन्य के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाई। वह यह भी नहीं बता सकी कि वह इस हालत में झरिया गांव तक कैसे पहुँची। उसकी चुप्पी और असहाय स्थिति ने पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। जादूगोड़ा पुलिस अब उस अज्ञात व्यक्ति की तलाश में जुट गई है, जिसने इस महिला को इस हाल में छोड़ दिया।

जाहिर है यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि समाज के पतन और मानवता के प्रति घटती संवेदनशीलता का भी प्रतीक है। गाँव वालों की त्वरित मदद और पुलिस की सक्रियता ने माँ-बच्ची की जान तो बचा ली, लेकिन अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुलिस उस अज्ञात व्यक्ति को खोज पाएगी, जिसने इस महिला को इस दयनीय स्थिति में छोड़ा।

 

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