हजारीबाग में टीपीसी उग्रवादियों का तांडव: सीसीएल की तापीन नॉर्थ परियोजना पर हमला, 6 वाहनों में लगाई आग, ऑपरेटरों से मारपीट
हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले के चरही थाना क्षेत्र में तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के उग्रवादियों ने एक बार फिर दहशत फैलाने की कोशिश की। शनिवार देर रात उग्रवादियों ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की तापीन नॉर्थ परियोजना पर धावा बोला। इस दौरान उन्होंने आरकेएस कंपनी के छह वाहनों को आग के हवाले कर दिया और वहां मौजूद ऑपरेटरों के साथ जमकर मारपीट की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हमलावरों ने परियोजना स्थल पर काम बंद करने की धमकी दी और मौके पर टीपीसी के नाम से पोस्टर चिपकाए, जिसमें कंपनियों को बिना संगठन की अनुमति के काम न करने की चेतावनी दी गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है, और परियोजना का कामकाज अस्थायी रूप से ठप हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही चरही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और उग्रवादियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है।
हजारीबाग में कोयला खनन परियोजनाओं पर उग्रवादी हमलों का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले के केरेडारी और बड़कागांव क्षेत्रों में टीपीसी उग्रवादियों ने बीजीआर और अन्य कंपनियों के वाहनों पर हमला कर आगजनी की थी। जून 2025 में केरेडारी के पगार ओपी क्षेत्र में टीपीसी ने दो स्कैनिया वाहनों को जलाने के साथ-साथ गोलीबारी की थी, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया था।
इस हमले के बाद तापीन नॉर्थ परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। कोयला खनन परियोजनाओं पर बार-बार हो रहे हमलों के कारण कई कर्मचारी और ठेकेदार कंपनियां काम करने से हिचक रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि स्थिति जल्द नियंत्रण में होगी।


















