धनबाद: नीरज सिंह हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, संजीव सिंह समेत 11 अभियुक्त बरी
धनबाद: नीरज सिंह हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, संजीव सिंह समेत 11 अभियुक्त बरी
धनबाद, 27 अगस्त : बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड मामले में धनबाद के एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय ने आज ऐतिहासिक फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश दुर्गेशचंद्र अवस्थी ने झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत सभी 11 अभियुक्तों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। यह फैसला आठ साल, पांच महीने और 26 दिनों की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आया है, जिसका कोयलांचल क्षेत्र में बेसब्री से इंतजार था।
कोर्ट में सुनवाई और सुरक्षा व्यवस्था
संजीव सिंह आज एम्बुलेंस के जरिए धनबाद कोर्ट पहुंचे। कोर्ट परिसर के बाहर उनके समर्थकों की भारी भीड़ जमा थी। फैसले से पहले कोर्ट परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। धनबाद पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी और हाई अलर्ट जारी किया गया। धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार ने स्वयं कोर्ट परिसर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
इसके अलावा, धनबाद में धारा 144/163 लागू होने के बाद कोर्ट परिसर के आसपास करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया। रणधीर वर्मा चौक से धनबाद व्यवहार न्यायालय तक निषेधाज्ञा (BNS की धारा 163) लागू की गई थी।
नीरज सिंह हत्याकांड का विवरण
21 मार्च 2017 को धनबाद के सरायढेला स्थित स्टील गेट के पास पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह, उनके पीए अशोक यादव, ड्राइवर घल्टू महतो और अंगरक्षक मुन्ना तिवारी की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में संजीव सिंह समेत 11 लोगों पर हत्या का आरोप लगा था। संजीव सिंह को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी।
कोर्ट परिसर में तनाव
फैसले से पहले नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह भी कोर्ट पहुंचे और अधिवक्ताओं से मामले की जानकारी ली। सिंह मेंशन और रघुकुल के समर्थकों पर पुलिस की कड़ी नजर रही। कोर्ट परिसर में भारी भीड़ और तनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया था।
फैसले का प्रभाव
इस फैसले ने कोयलांचल में लंबे समय से चली आ रही चर्चाओं को एक नया मोड़ दे दिया है। नीरज सिंह हत्याकांड ने क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक तनाव को बढ़ाया था, और आज का फैसला इस मामले में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। बरी होने के बाद संजीव सिंह और अन्य अभियुक्तों के समर्थकों में उत्साह देखा गया, जबकि नीरज सिंह के परिवार और समर्थकों में निराशा की लहर है।
















