क्षत्रिय समाज की एकता बैठक: सामाजिक सशक्तीकरण और संगठन पर जोर
रांची : लाल गुटुवा बैंकेट हॉल में क्षत्रिय गौरव एकता बैठक का आयोजन पूर्व एमएलसी प्रवीण सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। बैठक की शुरुआत “जय माँ भवानी” के गगनभेदी नारे और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। झारखंड के विभिन्न जिलों से आए क्षत्रिय समाज के सदस्यों का स्वागत समाजसेवी लाल प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अजय शाहदेव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सत्यनारायण सिंह ने किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में प्रवीण सिंह ने 2026 के फरवरी माह में एक विशाल जनसभा आयोजित करने, सवर्ण आयोग के गठन, आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग के लिए अंचल कार्यालय से आय प्रमाण पत्र जारी करने, और समाज में रीति-रिवाजों को बच्चों तक पहुँचाने जैसे एजेंडों पर बल दिया। इन प्रस्तावों को चतरा के पूर्व लोकसभा सदस्य सुनील सिंह ने प्रस्तुत किया, जिन्हें सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित किया।
सुनील सिंह ने कहा, “जितना समाज सशक्त होगा, उतना ही नेतृत्व सशक्त होगा।” उन्होंने सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने और मृत्यु संस्कार के नाम पर होने वाले अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने की वकालत की। साथ ही, क्षत्रिय परिवारों की जनसंख्या बढ़ाने पर भी विचार करने का सुझाव दिया।
धनबाद के पूर्व सांसद पशुपति नाथ सिंह ने कहा, “क्षत्रिय समाज सम्मान का भूखा है, धन-दौलत का नहीं। हमें आक्रामक होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा, तभी सम्मान मिलेगा।” उन्होंने किसी भी राजनीतिक दल द्वारा क्षत्रिय समाज के अपमान का बदला लेने की बात कही।
पूर्व विधायक गिरिनाथ सिंह ने क्षत्रिय समाज के शहीदों की जयंती और पुण्यतिथि मनाने की अपील की। उन्होंने कहा, “क्षत्रिय का धर्म सभी की रक्षा करना है। हमें EWS आरक्षण की समीक्षा करनी चाहिए।”
शंभु सिंह ने लोकसभा और विधानसभा सीटों पर आरक्षण की रोटेशन प्रणाली को पुनः लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने बच्चों में अच्छे संस्कार डालने और समाज को राजनीतिक भेदभाव से मुक्त करने की बात कही।
गढ़वा नगर उंटारी के राजा व पूर्व विधायक राजेंद्र देव ने आपसी भेदभाव को समाप्त कर समाज को संगठित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “मैं समाज के लिए किसी भी आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लूँगा।” रिटायर्ड डीआईजी राजीव रंजन सिंह ने केंद्रीय संचालन समिति के गठन का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
चंद्रगुप्त सिंह ने कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे समाज, राज्य और देश का कल्याण होगा। बैठक में महिला शिक्षा को अनिवार्य बनाने, रांची में होस्टल निर्माण, और परिसीमन लागू करने जैसे प्रस्ताव भी पारित किए गए।
बैठक में सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने, मृत्यु संस्कार पर अनावश्यक खर्च रोकने, और समाज में एकता को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सभा में किशोर शाहदेव, कविता परमार, मोती शाहदेव, मुन्ना सिंह, प्रेम सिंह, पूनम सिंह, सुरेंद्र सिंह, विपिन सिंह, संतोष सिंह, सूरज शाहदेव, निर्भय सिंह, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया।

















